जम्मू। प्रदेश में डॉक्टर और कंसल्टेंट की कमी पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया है। वित्त विभाग और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से प्रदेश में दोनों की मौजूदा स्थिति की जानकारी मांगी गई है। साथ ही 2019 और 2020 में दोनों के चयन की जानकारी देने को भी कहा। आरटीआई कार्यकर्ता बलविंदर सिंह ने हाईकोर्ट में डॉक्टरों की किल्लत को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। इस पर मंगलवार को चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस जावेद इकबाल वानी की खंडपीठ ने सुनवाई की।
याचिका में बताया गया कि जम्मू संभाग के 259 स्वास्थ्य केंद्रों में से 184 में डॉक्टरों की कमी है। यह सभी दूर दराज और पहाड़ी इलाकों में हैं। इससे पहले याचिका दायर होने पर सरकार ने कोर्ट में फरवरी और अप्रैल 2019 में जवाब दिया था कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है, लेकिन एक साल बाद भी इस किल्लत को पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। हाईकोर्ट ने सरकार से कहा है कि कोर्ट में हलफनामा दायर करें और बताएं कि मौजूदा स्थिति क्या है।