भ्रष्टाचार निरोधक विशेष जज जम्मू ने रिश्वत के एक मामले में मेकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग के चीफ इंजीनियर जहूर हुसैन जरगर, एईई रंजन कुमार लंगर, गुड़गांव स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी कैस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एमडी हानहो यून उर्फ कैलविन यून (निवासी दक्षिण कोरिया) और कंपनी के डीजीएम अनिल धर के खिलाफ आरोप तय कर दिए।
विजिलेंस आर्गनाइजेशन जम्मू के अनुसार उन्हें सूत्रों से सूचना मिली कि कैस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चीफ इंजीनियर जहूर ने कैलविन और अनिल धर से रिश्वत के रूप में बड़ी रकम की मांग की।
कंपनी के दोनों अधिकारी सरकार को वेट पैड सप्लाई करने के लिए रिश्वत की राशि देने को तैयार हो गए। सूचना के आधार पर विजिलेंस पुलिस थाना में चारों लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई।
समझौते के अनुसार कंपनी के दो प्रतिनिधि एक लाख 80 हजार रुपये लेकर चीफ इंजीनियर के कार्यालय पहुंचे। इसी दौरान विजिलेंस ने छापा मारकर कंपनी के प्रतिनिधियों के अलावा उक्त अफसरों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। साथ ही जांच पूरी कर चालान अदालत में पेश किया।