पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला
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नेकां प्रत्याशी डा. फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर लोकसभा सीट के उपचुनाव में सत्ताधारी दल के प्रत्याशी नजीर अहमद खान को लगभग 11 हजार मतों के भारी अंतर से पराजित कर पीडीपी से यह सीट छीन ली है। जीत के बाद मतदान के दौरान हुई हिंसा में आठ लोगों के मारे जाने के शोक में नेकां ने किसी प्रकार का जश्न नहीं मनाया।
श्रीनगर और जम्मू में जश्न के कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए। जीत के बाद फारूक ने शांतिपूर्ण चुनाव का माहौल देने में नाकाम रही महबूबा सरकार को बर्खास्त कर राज्यपाल शासन लगाने की मांग की। चुनाव में 12 लाख 61 हजार 862 मतदाताओं में से 89881 मतदाताओं ने वोट डाले थे। चुनाव में फारूक को 48554 और उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी पीडीपी के नजीर को 37779 मत हासिल हुए।
मतगणना सुबह आठ बजे एसकेआईसीसी में शुरू हुई। शुरू से ही फारूक ने पीडीपी प्रत्याशी से बढ़त बनाए रखी। यह सिलसिला मतगणना समाप्ति तक जारी रहा।
मतगणना स्थल तथा डल झील के आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। इस सीट के लिए 9 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान भारी हिंसा भड़की थी। इसमें आठ लोगों की जान चली गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। 38 बूथों पर 13 अप्रैल को पुनर्मतदान हुआ था। श्रीनगर सीट के इतिहास में पहली बार सबसे कम मतदान (कुल 7.14 फीसदी) हुआ था।