तवी नदी पर बनने वाली कृत्रिम झील और मुबारक मंडी से बाहु फोर्ट तक गंडोला प्रोजेक्ट के निर्माण में हो रही देरी के संबंध में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने नगर निगम कमिश्नर और जेडीए के वीसी से चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
आल जम्मू होटल एंड लाज एसोसिएशन के प्रेसीडेंट इंद्रजीत खजूरिया द्वारा दायर याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सनने के बाद जस्टिस वीरेंद्र सिंह और जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने प्रतिवादी से पूछा कि तवी नदी के एक ओर फेंके जा रहे कचड़े को हटाने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं।
याचिका में कहा गया कि रियासती सरकार हमेशा दावा करती है कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जम्मू में प्राकृतिक सुंदरता को निखारने का प्रयास कर रही है। समय-समय पर सरकार कई योजनाएं लागू करने की बात करती है, लेकिन इस क्रम में अब तक कुछ नहीं किया गया। भले वह म्यूनिसिपल पार्क हो या फिर कृत्रिम झील व गंडोला प्रोजेक्ट हो।
कटड़ा तक ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद ज्यादातर श्रद्धालु जम्मू रुकने की बजाए सीधी ट्रेन पक़ड़ते हैं। इन प्रोजेक्टों के पूरा होने से पर्यटकों को जम्मू में रोका जा सकेगा। याचिका में कहा गया कि तवी में बढ़ते प्रदूषण और उसके किनारों पर कचड़ा डंप किए जाने से उसका जल स्तर घटता जा रहा है।
विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने समय-समय पर फंड जारी किए, लेकिन आज तक प्रोजेक्ट पूरा होना सपना बना हुआ है। याचिकाकर्ता ने अपील की कि इस याचिका को जनहित याचिका के रूप में लिया जाए और प्रतिवादी को प्रोजेक्टों में हुई देरी के संबंध में पूछा जाए।
जेएनएफ