कोरोना वायरस के खौफ के बीच पूरे जम्मू-कश्मीर में 31 मार्च तक लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है। इस दौरान अखबार, किराना, दूध, सब्जी और दवा की दुकानों के अलावा अन्य सभी कारोबार तथा प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। केंद्र शासित लद्दाख के लेह व कारगिल में भी लॉकडाउन कर दिया गया है। इस बीच सुबह सात बजे से प्रभावी जनता कर्फ्यू के तहत रविवार को प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर कश्मीर तक बंद रहा। लद्दाख में जबर्दस्त बंदी देखी गई। दिन शाम पांच बजे लोगों ने घरों से बाहर निकलकर कोरोना के कर्मवीरों को थाली व ढोल के साथ तालियां बजाकर उनकी सेवाओं की सराहना की।
मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम की ओर से जारी आदेश में सभी जिला उपायुक्तों को आपात प्रबंधन अधिनियम और धारा 144 के तहत लॉक डाउन पर अमल करवाने के निर्देश दिए गए हैं। 31 मार्च शाम छह बजे तक लॉक डाउन की अवधि रखी गई है। जरूरी सेवाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाले वाहनों को जिला प्रशासन की मंजूरी के बाद सड़कों पर चलने की अनुमति रहेगी। संबंधित जिला प्रशासन जरूरी सेवाओं में तैनात कर्मचारियों की आवाजाही का प्रबंध करेंगे। तीन से ज्यादा लोग एक स्थान पर एकत्रित न हो, इसके लिए जिला उपायुक्तों को हिदायत दी गई है।
कोरोना को लेकर जनता कर्फ्यू के बीच जम्मू-कश्मीर सरकार ने 24 मार्च को अवकाश घोषित किया है। अब तीन दिन सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। 23 मार्च को शब-ए-मेराज तथा 25 मार्च को नवरात्र का अवकाश पहले से घोषित है। मुलाजिमों को एकांत में रखने के उद्देश्य से यह फैसला किया गया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने ट्वीट कर आदेश की जानकारी दी।