वहीं नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के उलेमाओं और सामुदायिक नेताओं से आग्रह किया है वह सभी कोरोना वायरस के खतरे से निपटने में सरकार का सहयोग करें। ऐसी विपरीत स्थिति में धार्मिक विद्वानों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उनका समाज में विशेष स्थान होता है अत: इस महामारी से निपटने में उन्हें मदद करने के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिहाड़ी कमाने वालों के सामने सबसे बड़ा संकट है। पाबंदियों से इनके समक्ष गंभीर संकट पैदा हो गया है। पांच अगस्त को लागू की गई पाबंदियों के बाद इन लोगों पर पहले से ही प्रभाव पड़ा है। ऐसे में छोटे व्यापारियों के लिए विशेष रूप से कुछ समय के लिए बकाया राशि माफ कर देनी चाहिए। उन लोगों की मदद करनी चाहिए जिनकी आजीविका वर्तमान चिंताजनक स्थिति के कारण प्रभावित हुई है। उम्मीद है कि सरकार इस दिशा में एक मजबूत पहल करेगी।