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हद है: दूसरी लहर खत्म भी नहीं हुई और लोग हिल स्टेशन पर उड़ा रहे नियमों की धज्जियां

Tue, 06 Jul 2021 07:30 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

देश में कोरोना को हराने के लिए राज्य से लेकर केंद्र सरकार अपने-अपने स्तर से हर संभव प्रयास कर रही हैं लेकिन उनकी ये कोशिश सफल होगी, कहना मुश्किल है। लॉकडाउन खुलने के बाद जिस प्रकार से लोग हिल स्टेशनों की ओर रुख कर रहे हैं और कोविड प्रोटोकॉल दूर -दूर तक नजर नहीं आ रहा है उससे एक बार फिर किसी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। आइए जानते हैं कुछ हिल स्टेशन के बारे में जहां लोग अपनी गैरजिम्मेदाराना रवैया अपना रहे हैं...
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लापरवाही - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिल स्टेशनों पर लापरवाही को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी लोगों को चेतावनी दी है और कहा कि अभी दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा है कि देश में दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है इसलिए जरूरी है कि हम कहीं पर भी हो कोरोना के नियमों का पालन करना न भूलें।
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ये है योग नगरी का हाल
योगनगरी ऋषिकेश में कोविड नियमों को लेकर बरती जा रही लापरवाही के चलते कोरोना संक्रमण के बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है। अधिकांश सैलानी पर्यटन स्थलों पर बिना मास्क के घूम रहे हैं। वहीं पर्यटक सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन भी नहीं कर रहे हैं। वहीं कोविड नियमों के अनुपालन को लेकर पुलिस का रुख भी नरम पड़ गया है। प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना कर्फ्यू में छूट मिलने के साथ लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, तपोवन क्षेत्र में पर्यटकों की चहलकदमी शुरू हो गई है।

वहीं कोरोना संक्रमण की दर में कमी आने के बाद पर्यटक भी लापरवाह हो गए हैं। अधिकांश पर्यटक घूमने के दौरान कोविड सुरक्षा के नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। पर्यटक मुख्य बाजार, गंगा तट, गंगा घाट, होटल, ढाबों में बिना मास्क के घूम रहे हैं। 
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हिमाचल: कोविड नियमों की जमकर उड़ रहीं धज्जियां, शिमला में पुलिस से उलझे सैलानी

शिमला में बिना मास्क घूम रहे सैलानी - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश में सरकार की तरफ से कोविड-19 की बंदिशों में दी गई छूट के बाद राज्य में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बड़ी संख्या में सैलानी शिमला, मनाली, डलहौजी समेत अन्य हिल स्टेशनों में पहुंच रहे हैं। लेकिन इस दौरान कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं। सैलानी बिना मास्क घूमते नजर आ रहे हैं। इसके चलते पुलिस को भी सख्त रुख अपनाना पड़ रहा है। राजधानी शिमला घूमने आ रहे कई सैलानी लगातार कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। 

शिमला के रिज मैदान पर पुलिस को बिना मास्क घूम रहे लोगों पर कार्रवाई करने से रोकना हरियाणा के एक सैलानी को महंगा पड़ गया। पुलिस ने पहले ही इसका बिना मास्क का चालान काटा था। कुछ देर बाद पुलिस के काम में बाधा पहुंचाने संबंधी धाराओं के तहत मामला भी दर्ज करवाया गया। मंगलवार दोपहर रिज मैदान पर पुलिस की अलग-अलग टीमें रिज, मालरोड पर मास्क लगाने को लेकर पर्यटकों को जागरूक कर रही थी। इस बीच मास्क न लगाने को लेकर पुलिस चालान कर रही थी। तभी एक युवक आया और अन्य पर्यटकों को पुलिस कार्रवाई में सहयोग न देने की बात करने लगा। इसका मास्क न पहनने को लेकर पहले ही चालान कट चुका था।
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जम्मू-कश्मीर: कोरोना की तीसरी लहर को दावत दे रही हैं ये लापरवाही

कोरोना में जम्मू-कश्मीर का बाजार - फोटो : संजय कुमार
जम्मू-कश्मीर में कोरोना के मामले कम होने के साथ प्रदेश सरकार की तरफ से कोरोना पाबंदियों में ढील देना भी शुरू हो गया है। वहीं अनलॉक के साथ बाजारों और पर्यटनों स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। हर कोई घर से निकलकर पहाड़ों की तरफ निकल रहा है। लोग बिना मास्क और अन्य कोई कोरोना के बचाव के निर्देशों का बिल्कुल भी पालन नहीं कर रहे हैं और पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं।

पहली कोविड लहर की तुलना में पांच माह में ही दूसरी लहर ने जम्मू कश्मीर में जमकर तबाही मचाई। प्रतिदिन हजारों कोविड संक्रमित मामले आने के साथ 70 से 80 लोगों की दैनिक जान जाती रही। इन पांच महीनों में ही अब तक 2380 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है जो पिछले 12 माह की तुलना में कई गुणा अधिक थी। सिर पर कोविड महामारी के पड़ने पर समाज में कुछ बदलाव देखा गया, लेकिन संक्रमण का प्रसार कम होने के बाद अब दोबारा पहले जैसे हालात बनने लगे हैं।

अनलॉक के बाद गतिविधियां सामान्य होने के साथ लोेग कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करना भूल रहे हैं। सार्वजनिक स्थलों पर गैर जरूरी भीड़ बढ़ रही है। पिकनिक मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग सामुदायिक स्तर पर इकट्ठे हो रहे हैं। बाजारों में सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है। और सबसे अधिक खतरा मास्क न पहनने वालों से है।

जम्मू-कश्मीर के तमाम हिल स्टेशनों पर सैलानियों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। चाहे फिर पत्नीटॉप हो या फिर कोई अन्य पहाड़ी पर्यटन स्थल। हर जगह एक जैसा हाल है।

हालत यह है कि सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग तो नजर आ ही रहे हैं, साथ ही होटल में रूम भी नहीं मिल रहे हैं। इससे पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के चेहरे पर मुस्कान जरूर है, लेकिन सैलानियों की ये भीड़ कहीं कोरोना को दावत तो नहीं दे रही।

इतनी ज्यादा भीड़ के चलते ये इलाके कोरोना स्प्रेड का बड़ा हॉट स्पॉट बन सकते हैं। साथ ही अगर प्रशासन द्वारा जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कोरोना की तीसरी लहर का कहर प्रदेश में जल्द हो सकता है।
 
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