जम्मू। शहर के विभिन्न कोविड अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों की कोविड सैंपलिंग के दौरान सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा है। सैंपलिंग के लिए एक साथ दर्जनों लोग साथ में खड़े दिखाई देते हैं। जिससे सामाजिक दूरी का कोई पालन नहीं हो रहा है। यही नहीं सैंपलिंग के लिए आने वाले कई लोग बाद में संक्रमित पाए जाते हैं, जिससे वे संक्रमण को लेकर समाज में भी जा रहे हैं।
जीएमसी कोविड केंद्र पर प्रतिदिन 350-400 लोगों के कोविड सैंपल लिए जा रहे हैं। इनमें नागरिकों के साथ विभिन्न सुरक्षाबल शामिल होते हैं। इसके अलावा क्वारंटीन केंद्रों से भी बड़ी संख्या में सैंपलिंग के लिए लोगों को यहां भेजा जा रहा है। केंद्र पर सुबह से ही सैंपलिंग के लिए कतारें लगना शुरू हो जाती है, लेकिन सामाजिक दूरी को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। शनिवार को भी केंद्र पर सैंपलिंग के लिए बड़ी संख्या में लोग एक दूसरे के साथ जुड़कर खड़े थे। जिससे अगर इन लोगों में कोई संक्रमित पाया जाता है तो वे अन्य कई लोगों तक संक्रमण पहुंचाने का काम कर रहा है। इससे अस्पताल परिसर में भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। इसी तरह गांधीनगर अस्पताल में भी कोविड सैंपल लिए जा रहे हैं, लेकिन यहां भी अधिक भीड़ होने पर सामाजिक दूरी का पालन होता नहीं दिख रहा है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सामाजिक दूरी के पालन के लिए लोगों से अपील की जाती है, लेकिन अधिकांश पहले सैंपल करवाने के चक्कर में सामाजिक दूरी के पालन को नजरअंदाज कर देता है। जीएमसी के प्रिंसिपल डा. नसीब चंद डिगरा के अनुसार प्रशासन को लिखा गया है कि सैंपलिंग के लिए सीमित लोगों को भेजा जाए, ताकि अधिक भीड़ इकट्ठी न हो। सामाजिक दूरी का पालन करवाने के लिए निजी सुरक्षाकर्मियों के अलावा पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों की मदद ली जा रही है।