जम्मू। कोरोना संकट में जहां एक तरफ पूरा देश लॉकडाउन है, वहीं जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कारापोरेशन के चालक मुश्किल समय में भी योद्धाओं की तरह अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं। चालक मेडिकल स्टाफ के साथ बाहरी राज्यों से आ रहे श्रमिकों और छात्रों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचा रहे हैं। सरकार ने जेकेएसआरटीसी को जरूरी सेवाओं में शामिल नहीं किया है।
सोमवार को कोटा से छात्रों को बस में लेकर जम्मू पहुंचे चालक सुखदेव सिंह ने कहा कि उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं हो रहा है। जब वह लोगों को उनके गृह जिलों तक छोड़ने जाते हैं तो उनकेे खाने की व्यवस्था तक नहीं होती है। जगह-जगह पर लगे नाकों पर पुलिस का व्यवहार भी मनोबल तोड़ने वाला होता है। कई महीनों से वेतन भी नहीं मिला है। परिवार के सदस्य स्वस्थ को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन इस मुश्किल दौर में भी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, एक अन्य चालक दीप कुमार ने कहा कि काम तो हमेशा से कर रहे हैं, लेकिन ऐसे समय में अपने काम को अंजाम देना अधिक जिम्मेेदारी वाला बन गया है। उन्होंने कहा कि जब लोगों के पास घर पहुंचाने का कोई साधन नहीं है, तो हमारी जिम्मेदारी और जवाबदेही भी बढ़ गई है। कारपोरेशन और सरकार को चाहिए की वह चालकों को समय पर वेतन जारी करे ताकि इस आर्थिक तंगी में वह अपना और अपने परिवार वालों का जीवन यापन कर सकेें।
चालकों को हो रही परेशानियों के संबंध में जब हमने एमडी जेकेएसआरटीसी अरशद अयूब से बात की तो उन्होंने वयस्त होने का हवाला देकर फोन पर बात नहीं की।
पिछले माह एक महीने का वेतन जारी किया था, अब फिर चार महीने का वेतन लंबित हो गया है। कोरोना संकट में हम लगातार सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने कोरोना वायरस से लड़ रहे कर्मचारियों का बीमा किया है, लेकिन जेकेएसआरटीसी के कर्मचारियों का बीमा नहीं किया गया। सरकार से अपील है कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखें ताकि वह ईमानदारी से अपनी सेवाएं दे सकें।
राजा मुनीर अहमद, चेयरमैन जेकेएसआरटीसी इंप्लाइज यूनियन