जम्मू। आवश्यक सेवाओं में शामिल अखबार के साथ ज्यादातर लोगों के दिन की शुरूआत होती है। कोरोना वायरस के संक्रमण के दौर में जहां लोगों से घरों के भीतर रहने की अपील की जा रही है, वहीं समाचार पत्र वितरक कर्मठता के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। कोरोना से जंग के बीच आप तक अखबार पहुंचा रहे इन वितरकों की भूमिका भी किसी हीरो से कम नहीं है। लॉकडाउन के बीच बारिश और ठंड में वितरक बंधु पाठकों के साथ अपना भावनात्मक रिश्ता निभा रहे हैं। देश-दुनिया से लेकर आसपास के घटनाक्रम की सही जानकारी अखबार के जरिए आप तक पहुंचाने पहुंचाने वाले इन वितरकों का भी हौसला बढ़ाने की जरूरत है। विपरीत परिस्थितियों में अपना कर्तव्य निभा रहे अखबार वितरक बंधुओं के जज्बे को सलाम है।
अखबार लोगाें की रूटीन का अहम हिस्सा है। जरा सी देरी होने से पाठकों से ज्यादा हमें बेचैनी होने लगती है। इन दिनों कोरोना वायरस के चलते घराें तक अखबार पहुंचाने में कई मुश्किलें आ रही हैं लेकिन पाठकों तक अखबार पहुंचाने से पीछे नहीं हटा जा सकता।
-प्रवीण न्यूज एजेंसी, संजय चौक शास्त्रीनगर
सुबह आंख खुलते ही पाठकों को अखबार पढ़ने की जिज्ञासा होती है। खबरों की दुनिया में बड़ी संख्या में लोग जोखिम उठाकर काम कर रहे हैं। पाठकों की जिज्ञासा और अन्य साथियों की मेहनत के बीच वितरक एक पुल का काम करते हुए हर परिस्थिति में घर-द्वार अखबार पहुंचा रहे हैं।
-काका प्रधान, बस स्टैंड जम्मू
खबरों के और भी कई माध्यम हैं, लेकिन अखबार सबसे विश्वसनीय माध्यम है। लोगाें तक सटीक जानकारी पहुंचाने की प्रक्रिया में हम भी अपने योगदान से पीछे नहीं हट रहे। मौसम और परिस्थिति चाहे जैसी हो, लोगाें के घर तक अखबार पहुंचाने पर ही संतुष्टि मिलती है।
-केवल प्रधान, भगवती नगर जम्मू
तड़के चार बजे से लेकर अगले चार-छह घंटों की कसरत विपरीत परिस्थितियों से जूझने जैसी होती है। कोरोना से जंग के माहौल में हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। लेकिन जैसे हर पेशे से लोग अपने स्तर पर कुछ न कुछ योगदान दे रहे हैं। उसी तरह वितरक भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
-विजय शर्मा, कनाल रोड जम्मू
यह एक ऐसा काम है जिसमें साप्ताहिक छुट्टी नहीं होती। लोगों को पुष्ट जानकारी रोज चाहिए। फिर चाहे सामान्य हालात हों या कोरोना से जंग की परिस्थितियां। पाठकों से बना रिश्ता हमें किसी भी परिस्थिति में काम करते रहने की प्रेरणा देता है।
-हरीश शर्मा, रघुनाथ बाजार
पूरे समाज की रूटीन उस अखबार से जुड़कर शुरू होती है जिसे हम घर-द्वार पहुंचाते हैं। सुबह के नाश्ते की तरह अखबार में दी गई जानकारियां और ज्ञान भी जरूरी होता है। इसी जरूरत को समझते हुए हम कोरोना वायरस की इमरजेंसी के दौरान भी अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
-रामकृष्ण, रेजीडेंसी रोड जम्मू