जम्मू। वैश्विक स्तर पर प्रभावित करने वाले कोरोना वायरस की मार इस बार नवरात्र पर भी पड़ेगी। वैष्णो देवी में यात्रियों को न आने की अपील के बाद अन्य प्रमुख मंदिरों में भी ऐसी अपील की जा सकती है। शहर के ही प्रमुख बावे वाली माता के मंदिर में नवरात्र के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा कोल कंडोली मंदिर, मोहमाया मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर आदि में भी हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मंडलायुक्त संजीव वर्मा ने मंगलवार को धार्मिक संगठनों के साथ बैठक कर लोगों को समूह भीड़ में न जुटने के लिए पेरित करने को कहा है। सार्वजनिक स्थलों पर समूह कार्यक्रमों को रद्द करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से पहले ही निर्देश जारी किए गए हैं। मंडलायुक्त ने मंदिरों, चर्चों, गुरुद्वारों, मसजिदों में भीड़ जुटाने से परहेज करने को कहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के फैलने का मुख्य कारण समूह भीड़ है, जिससे यह वायरस मानव से मानव में फैल रहा है। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर सोडियम हाइपोक्लोराइट स्प्रे का छिड़काव करने को कहा है। धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के बारे में सूचित किया जाए। उन्होंने कहा कि शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया गया है। बावे वाली माता के मंदिर के महंत बिट्टा के अनुसार कोरोना वायरस का असर श्रद्धालुओं की संख्या पर दिख रहा है। आम दिनों के मुकाबले कम श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आगामी 25 मार्च से शुरू हो रहे नवरात्र के लिए तैयारियां की जा रही हैं। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए कम ही श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
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