जम्मू संभाग के उधमपुर रेड जोन शक्तिनगर में स्वास्थ्य विभाग की टीम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कोरोना सैंपल लेने गई टीम ने सैंपल लेने के बाद स्वैप और सैंपल किट सड़क पर ही फेंक दी। मास्क और दस्ताने आधे जलाकर ही छोड़ दिए गए। स्थानीय लोगों ने विभागीय टीम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया है।
शक्तिनगर में चार दिन पहले एक साथ आठ संक्रमित मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने इसको रेड जोन घोषित कर दिया था। सरकारी स्कूल के बाहर शिविर लगाकर दो दिन से लोगों के कोरोना टेस्ट लिए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कोरोना टेस्ट के बाद स्कूल के बाहर ही स्वैप का एक हिस्सा तोड़कर डाल दिया गया। जबकि नियमित तरीके से इनका निस्तारण करना होता है।
मंगलवार को जब स्थानीयों ने सैंपल किट सड़क पर पड़ी देखी तो भड़क उठे। पूर्व सरपंच बलवीर सिंह ने कहा कि नियमानुसार कोरोना टेस्ट के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले सामान का स्वास्थ्य विभाग को नियमित तरीके से निस्तारण करना होता है, लेकिन शक्तिनगर में लापरवाही कर माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना के सैंपल लेने के बाद मास्क व दस्तानों को मौके पर जलाया और अधजला छोड़कर चले गए।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कई बार स्वैप बहुत लंबी होती है। इसी कारण सैंपल लेने के बाद स्वैप के हिस्से को तोड़ कर अलग किया जाता है और फिर इसको फेंक दिया जाता है। इससे किसी प्रकार से संक्रमण फैलने का खतरा नहीं होता। किसी ने माहौल को खराब करने के लिए इसको टेस्ट ट्यूब का नाम देकर हालात को खराब करने का प्रयास किया है। -डॉ. पीयूष सिंगला, डीसी, उधमपुर
शक्तिनगर में स्वास्थ्य विभाग ने किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं की है। कई स्वैप के हिस्से को अलग करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जब सैंपल लेती है तो उसी समय एक हिस्से को अलग कर देती है। इस हिस्से में सैंपल का एक अंश भी नहीं होता। इससे किसी को किसी प्रकार का खतरा नहीं होता है। स्वास्थ्य विभाग पूरी सावधानी के साथ सैंपल लेने का काम कर रही है। -डॉ. यासीन, डीएचओ उधमपुर