घर में मास्क तैयार करतीं महिलाएं
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कोरोना के लगातार बढ़ रहे दायरे से बाजार में मास्क की मांग के साथ-साथ कालाबाजारी बढ़ गई है। मौजूदा हालात में उचित मूल्य पर मास्क की आपूर्ति सुनिश्चित करना अहम कार्य हो गया है। इस जंग में लड़ने के लिए महिलाओं ने घरों से ही मोर्चा संभाल लिया है। रियासी के जिला ग्रामीण विकास विभाग ने क्षेत्र की नौ सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) की महिलाओं को एक सप्ताह में 55 हजार मास्क बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
पहले दिन ही रविवार को इन महिलाओं ने करीब एक हजार मास्क बनाए हैं। विभाग ने एक सप्ताह में 55 हजार मास्क बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए कटड़ा की पंचायत आधार जित्तो में करीब नौ सेल्फ हेल्प ग्रुप सहित अन्य महिला समूह भी कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक सेल्फ हेल्प ग्रुप में 15 महिलाएं हैं। वहीं, मास्क बनाने के लिए कपड़ा भी ग्रामीण विकास विभाग ने उपलब्ध करवाया है। एसएचजी से जुड़ी महिलाओं को इसके लिए विभाग की ओर से प्रति मास्क पांच से दस रुपये भी दिए जाएंगे।
मास्क बनाने के कमरे भी सैनिटाइज करने के निर्देश
बीडीओ संजीव शर्मा ने बताया कि जिला रियासी में पहले चरण में करीब 55 हजार लोगों को निशुल्क मास्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी बीडीसी चेयरमैन के साथ सरपंच और पंचों को सौंपी गई है। इन सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं ने पहले ही दिन करीब एक हजार मास्क तैयार किए हैं। महिलाओं को मास्क बनाने से पहले कमरे और कपड़े को सैनिटाइज करने के निर्देश दिए गए हैं।