शहर के प्रमुख बावे वाली माता मंदिर के महंत बिट्टा के अनुसार मंडलायुक्त के साथ हुई बैठक में प्रसाद से जुड़े दुकानदारों की रोजी रोटी का मुद्दा भी रखा गया। फैसला लिया गया कि भवन के बाहर दो ड्रम लगाए जाएंगे जिसमें भक्तजन अपने साथ लाने वाले प्रसाद को डालेंगे, ताकि उनकी आस्था के साथ दुकानदारों का कारोबार चलता रहा। इसमें भवन के भीतर किसी तरह का प्रसाद ले जाने की इजाजत नहीं होगी।
इसके अलावा भवन परिसर में स्थापित जंगले में बकरी नहीं रखी जाएगी और न ही बाहर से आने वाली बकरी को लिया जाएगा। श्रद्धालु जंगले के बाहर मोख करके अपनी आस्था जता सकते हैं। इससे पहले सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिदिन बकरियों को पूजते थे।
मंदिर में आने वाले सभी श्रदालुओं को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सर्किल के भीतर से ही होकर भवन तक पहुंचना होगा। सीधे किसी को भी आगे जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सभी श्रदालु मास्क पहनकर आएंगे और इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मास्क मुंह पर किसी तरह से ढीला न हो। सरकार की ओर से जारी एसओपी का सख्ती से पालन किया जाएगा।