ट्रेन, सड़क और हवाई मार्ग के जरिए दूसरे राज्यों से आने वाले जम्मू-कश्मीर के नागरिकों की पूल कोविड टेस्टिंग करने की तैयारी की जा रही है। इस तकनीक में एक ट्यूब में एक साथ 25 लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। इसके तहत निगेटिव आने पर सभी को निगेटिव घोषित कर दिया जाएगा, जबकि पॉजिटिव आने पर सभी के दोबारा अलग-अलग टेस्ट किए जाएंगे।
इससे पहले पूल टेस्टिंग की क्षमता पांच थी, जिसे केंद्र सरकार ने 25 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस तकनीक से रिपोर्ट जल्द आने के साथ टेस्ट पर लागत कम आएगी और क्वारंटीन लोग जल्द अपने घर जा सकेंगे। जम्मू-कश्मीर में कोविड टेस्ट की लगातार बढ़ती संख्या के मद्देनजर यह फैसला किया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक बाहर से आने वाले प्रदेश के नागरिकों की पूल टेस्टिंग जल्द शुरू की जाएगी।
प्रदेश में रोजाना हजारों नागरिक ट्रेन, सड़क और हवाई मार्ग से पहुंच रहे हैं। उधमपुर में प्रदेश के लोगों को लेकर चार ट्रेनें पहुंच चुकी हैं। इसमें विद्यार्थी, श्रमिक, व्यवसायी व अन्य दूसरे वर्ग के लोग शामिल हैं। प्रदेश में प्रतिदिन कोरोना 4000-5000 टेस्ट किए जा रहे हैं लेकिन बाहरी राज्यों से नागरिक आने के बाद परीक्षण करने वालों का काम बढ़ गया है।
इसलिए बाहर से आने वाले सभी लोगों के कोविड टेस्ट रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन (आरटीपीसीआर) पद्धति से किए जाएंगे। इससे पहले भी आरटीपीसीआर में ही एकल टेस्ट किए जा रहे हैं लेकिन पूल टेस्टिंग में एक साथ 25 सैंपल लगाए जाएंगे। प्रत्येक आरटीपीसीआर टेस्ट में 4000 रुपये से अधिक का खर्च आता है।
जम्मू-कश्मीर सभी की टेस्टिंग करने वाला पहला प्रदेश
दूसरे राज्यों से लेकर विदेश में जम्मू-कश्मीर के करीब एक लाख लोग हैं। जम्मू-कश्मीर पहला प्रदेश है, जहां बाहर से आने वाले सभी लोगाें की टेस्टिंग की जा रही है। - रोहित कंसल, प्रवक्ता, जम्मू-कश्मीर सरकार