प्रदेश में 16 अगस्त से सभी धार्मिक स्थलों में आम लोगों को प्रवेश मिलेगा। मंदिर प्रबंधक समितियों ने श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य निरीक्षण और सामुदायिक दूरी की व्यवस्थाएं करनी शुरू कर दी हैं। धार्मिक स्थलों पर आम लोगों के प्रवेश को लेकर प्रदेश सरकार अलग से दिशा-निर्देश जारी करेगी।
यह भी पढ़ेंः जम्मू-कश्मीर की वो जगह जहां दफन हैं जहांगीर की आंतें, जबकि बाकी शरीर लाहौर में दफनाया गया
प्रदेश सहित जम्मू शहर में पिछले चार महीने से धार्मिक स्थल आम लोगों के लिए बंद हैं। चार अगस्त को जारी गाइडलाइन में प्रदेश में 16 अगस्त से सभी धार्मिक स्थलों को आम लोगों के लिए खोलने की इजाजत दी गई है। मंदिर प्रबंधनों ने भी अपनी एसओपी जारी की है।
धर्मार्थ ट्रस्ट ने अपने सभी मंदिरों में प्रवेश के लिए थर्मल स्क्रीनिंग को अनिवार्य किया है। एक समय में चालीस से पचास यात्रियों के दल को ही दर्शन करने की इजाजत दी जाएगी। बावे वाली माता मंदिर परिसर में सैनिटाइजिंग टनल लगाई गई है। मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को इससे होकर गुजारना पड़ेगा। वहीं, थर्मल स्क्रीनिंग के लिए थर्मामीटर खरीदे गए हैं।
यह भी पढ़ेंः अरुण जेटली घर में पढ़ते थे जम्मू-कश्मीर का संविधान, पर इस प्लान से संगीता भी थीं अनजान
मंदिरों में घंटी को नहीं छू सकेंगे
अगस्त के दूसरे पखवाड़े के शुरू होते ही मंदिरों के द्वार आम श्रद्धालुओं के लिए भले ही खुल जाएंगे, लेकिन श्रद्धालु मंदिर की घंटी को नहीं छू पाएंगे। इसके लिए विशेष निर्देशावली प्रदर्शित होगी। सामान्य तौर पर ज्यादातर श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के दौरान आते और जाते घंटी बजाकर गुजरते हैं।