शहर से सटे गांवों के लोग सब्जी, दूध व फल आदि लेकर शहरी क्षेत्रों में बेचने आते हैं। इसके अलावा निजी व सरकारी कर्मचारी व श्रमिक भी गांवों से शहर आते हैं। आशंका है कि इनके माध्यम से ही कोरोना गांव-गांव पहुंच रहा है।
कोरोना संक्रमण की दूूसरी लहर गांवों में तेजी से लोगों को संक्रमित कर रही है। जम्मू संभाग में शहरों के साथ सटे ग्रामीण इलाके कोरोना संक्रमण की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। प्रतिदिन जम्मू संभाग में मिल रहे कुल मरीजों में से करीब 35 मरीज फीसदी उप नगरीय क्षेत्रों से आ रहे हैं। वहीं वो गांव जो शहरों से कुछ ज्यादा दूरी पर हैं, वहां से भी पांच फीसदी मरीज मिलने शुरू हो चुके हैं। हालांकि, मरीजों का 60 फीसदी हिस्सा अभी भी शहरी इलाकों से ही है।
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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जम्मू संभाग से प्रतिदिन 1500 से 1700 के बीच मामले आ रहे हैं। इनमें औसतन एक हजार से ज्यादा मामले शहरी क्षेत्रों से ही हैं। वहीं 400 के करीब मामले शहरों से सटे गांवों से आ रहे हैं। करीब 90 से 100 तक मामले दूर दराज के गांवों से भी आना शुरू हो चुके हैं। पुंछ के दूरदराज के क्षेत्र मेंढर से लेकर डोडा व किश्तवाड़ के गांवों से भी संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। आशंका है कि शहरों में कामकाज करने वाले लोगों के माध्यम से ही कोरोना गांवों में प्रवेश कर रहा है।
स्वास्थ्य सेवा निदेशालय जम्मू की निदेशक डॉ. रेणु शर्मा का कहना हैै कि कोरोना संक्रमण की पहली लहर में शहरी क्षेत्रों में ही ज्यादा संक्रमण फैला था। गिने चुने मामले ही ग्रामीण क्षेत्रों से आए। दूसरी लहर में शहरों से सटे गांवों से बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। शहरों से सटे क्षेत्रों के अस्पतालों में भी कोविड प्रबंधन के लिए व्यवस्था की हुई है। शहरों से संक्रमित लोग कई बार गांवों में अपने घरों में चले जाते हैं और यह सही है कि गांवों में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।