प्रदेश के बीस जिलों के चिकित्सा केंद्रों में एहतियाती डोज उपलब्ध नहीं है। इसमें गिने-चुने लोग एहतियाती डोज के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन इसकी उपलब्धता न होने के कारण उन्हें लौटाया जा रहा है।
जम्मू कश्मीर के बीस जिलों में कोविड के शांत होने के बाद लगभग चिकित्सा केंद्रों पर कोविड की एहतियाती (बूस्टर) डोज को बंद कर दिया गया है। इसी माह की दस तारीख को एहतियाती डोज की एक्सपायरी वैक्सीन को लगभग खत्म कर लिया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र से दस लाख एहतियाती डोज की मांग की थी, जिसकी आपूर्ति नहीं भेजी गई है। हालांकि कोविड लगभग खत्म हो चुकी है। अगर भविष्य में कोई लहर आ जाती है तो प्रदेश में 18 से अधिक आयु वर्ग में 80 प्रतिशत तक एहतियाती डोज नहीं लेने वाले प्रभावित हो सकते हैं।
प्रदेश के बीस जिलों के चिकित्सा केंद्रों में एहतियाती डोज उपलब्ध नहीं है। इसमें गिने-चुने लोग एहतियाती डोज के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन इसकी उपलब्धता न होने के कारण उन्हें लौटाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में 18 से अधिक आयु वर्ग में अनुमानित आबादी 9303842 है जो कुल आबादी का 68 प्रतिशत है।
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इसमें पहली और दूसरी डोज में लगभग सभी लाभार्थियों ने टीके की खुराक ली, लेकिन एहतियाती खुराक सिर्फ करीब 20 प्रतिशत लोगों ने ही ली है। यानी 77 लाख से अधिक लोगों ने एहतियाती डोज नहीं ली है। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सलीम उर रहमान के अनुसार देश व्यापी स्तर पर कोविड के न के बराबर मामले सामने आ रहे हैं।
इसलिए एहतियाती डोज को अभी प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। केंद्र से अतिरिक्त एहतियाती डोज की मांग की गई थी, जिसे अभी नहीं भेजा गया है और जो वैक्सीन हमारे पास उपलब्ध थी उसका उपयोग कर लिया गया है।