एयरपोर्ट जम्मू में विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट सुविधा शुरू कर दी गई। इससे पहले यहां रैपिड टेस्ट ही किया जा रहा था। इस नई व्यवस्था से यात्रियों और चिकित्सा स्टाफ में बहस बढ़ गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी जम्मू के पास सीधे तौर पर विदेशों से आने वालों की जानकारी नहीं होती, जिसमें प्रत्येक यात्री से चिकित्सा स्टाफ पूछताछ कर रहा है।
इसमें कई यात्री दिल्ली एयरपोर्ट से भी आरटीपीसीआर टेस्ट करवाकर आ रहे हैं, लेकिन जम्मू में दोबारा टेस्ट के लिए कहा जा रहा है। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रैपिड-आरटीपीसीआर दोनों टेस्ट मशीनें उपलब्ध हैं, जिससे दो से ढाई घंटे के बीच रिपोर्ट आ जाती है और यात्री को रिपोर्ट देकर भेज दिया जाता है लेकिन जम्मू एयरपोर्ट पर ऐसी सुविधा नहीं है।
सभी विदेशी यात्रियों के पहले आरटीपीसीआर टेस्ट लिए जाते हैं, जिसके बाद लैब में भेजा जाता है। लैब से रिपोर्ट के लिए न्यूनतम 24 घंटे का समय लग जाता है, जिससे मजबूरन यात्रियों के टेस्ट कर उन्हें होम आइसोलेट के लिए भेजा जा रहा है। वीरवार शाम तक जम्मू एयरपोर्ट पर विदेश से आए 12 यात्रियों के आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए थे। जिनकी रिपोर्ट शुक्रवार को आएगी।
एयरपोर्ट प्राधिकरण से कोविड प्रबंधन पर चर्चा
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रेणु शर्मा और अन्य चिकित्सा अधिकारियों ने वीरवार को जम्मू एयरपोर्ट प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक कर कोविड प्रबंधन पर चर्चा की गई। इसमें मुख्य तौर पर जम्मू एयरपोर्ट पर आधुनिक रैपिड आरटीपीसीआर कोविड परीक्षण मशीन लगाने पर जोर दिया गया, ताकि विदेशी यात्री को दो से ढाई घंटे वहीं बिठाकर रिपोर्ट देकर भेज दिया जाए। इससे यात्रियों की यात्रा सुगम बन सकेगी।