सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी नागरिक और लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े यासिर की मौत के बाद मूसा साथियों के साथ जंगल में छिपा हुआ है। इस इलाके में लंबे समय तक सक्रिय होने के कारण वो यहां की प्राकृतिक गुफाओं, चट्टानों और घने जंगल में छिपने की जगह को अच्छे से पहचानता है। हालांकि सुरक्षाबलों का घेरा मजबूत होते देख उसके पीर पंजाल और किश्तवाड़ की तरफ भागने की आशंका भी है। ऐसे में यहां सुरक्षा बढ़ाई गई है।
भागने के संभावित रास्तों पर अतिरिक्त जवान तैनात
संभावित रास्तों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं ताकि आतंकी किसी वैकल्पिक मार्ग से नीचे न उतर सके। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षाबल पिछले कई महीनों से पीर पंजाल के दोनों ओर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। ऑपरेशन में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की टीमें शामिल हैं। ऊंचाई वाले इलाके में खराब मौसम और सीमित दृश्यता के बावजूद तलाशी जारी है। ड्रोन, तकनीकी निगरानी और अन्य संसाधनों की मदद से संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।
सांबा के सुंब में मिला पाकिस्तानी गुब्बारा, जांच शुरू
सांबा जिले के सुंब के पहाड़ी गांव दनाई में रविवार को एक संदिग्ध पाकिस्तानी गुब्बारा मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। ग्रामीणों ने खेतों में गुब्बारा देखा और पुलिस को सूचना को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गुब्बारा कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, गुब्बारे पर पीआईए के अलावा उर्दू में भी कुछ लिखा है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि गुब्बारा सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में पहुंचा हो। हालांकि, इसके वास्तविक स्रोत और इसके पीछे के उद्देश्य का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गुब्बारा हवा के साथ भारतीय क्षेत्र में पहुंचा या इसके पीछे कोई उद्देश्य था। पुलिस के मुताबिक, इस क्षेत्र में पहले भी ऐसे गुब्बारे मिल चुके हैं।