देश में सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद और नक्सलवाद हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसका मुकाबला सीमा सुरक्षा बल साहस के साथ कर रहे हैं। उम्मीद है कि आज शपथ ग्रहण करने वाले सभी 199 नव आरक्षक देश की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे। ये बातें शनिवार को सहायक प्रशिक्षण केंद्र सीमा सुरक्षा बल उधमपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह के मुख्य मेहमान केंद्र के उप महानिरीक्षक जेसी सिंगला ने नव आरक्षकों को संबोधित करते हुए कही।
मुख्य मेहमान ने सुबह नौ बजे कार्यक्रम में पहुंचने पर सबसे पहले परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद नव आरक्षकों ने भारतीय संविधान की शपथ लेकर अपने आप को देश की रक्षा हेतु समर्पित किया। फिर नव आरक्षकों ने कदम से कदम मिलाकर शानदार परेड द्वारा मुख्य मेहमान को सलामी दी। परेड के बाद सहायक प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षकों को मुख्य मेहमान ने मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।
बैच नंबर 149 में सर्वश्रेष्ठ प्रथम का मेडल नव आरक्षक गौरव कुमार सिरोही ने हासिल किया। सर्वश्रेष्ठ द्वितीय और सर्वश्रेष्ठ ड्रिल का मेडल तपस पाल को दिया गया। इसके अलावा परेड का नेतृत्व करने पर तीसरा मेडल भी तपस पाल को दिया गया। सर्वश्रेष्ठ एफपीईटी साकादेव खिल्लो व सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज का मेडल चक्रधर बच्छा ने हासिल किया।
मुख्य मेहमान उप महानिरीक्षक जेसी सिंगला ने कहा कि दीक्षांत समारोह के साथ ही 199 नव आरक्षक देश की सेवा हेतु समर्पित हो चुके हैं। अब यह सभी देश की सीमाओं पर पहरा देकर दुश्मनों से देश की रक्षा करेंगे। उन्होंने नव आरक्षकों से कहा कि उनको अब कार्य जनता को विश्वास में लेकर ही करना होगा।
उन्होंने सभी नव आरक्षकों को बुनियादी प्रशिक्षण पूरा करने के लिए बधाई दी और आशा प्रकट की कि सभी बल व देश की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे। उन्होंने बताया कि शपथ लेने वाले 114 नव आरक्षक बिहार, 2 पश्चिम बंगाल, 2 उत्तर प्रदेश, एक मध्य प्रदेश व 80 उड़ीसा से हैं।