प्रवासी मजदूरों की वापसी से पहले अधूरा पड़ा फ्लाईओवर का काम।
हीरानगर। कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पर्यटकों की हत्या और छह मई से चले ऑपरेशन सिंदूर के कारण सीमा पर तनाव के दौरान लौटे प्रवासी मजदूरों की वापसी होने लगी है।
इस कारण एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य और हाईवे विस्तारीकरण समेत कई परियोजनाओं के निर्माणाधीन कार्यों को फिर से गति मिली है।इन कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार अब भी 50 फीसदी मजदूरों की कमी के कारण तय समय से दो महीने समय अधिक लगेगा।
आधे मजदूरों के लौटने से एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य और हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य भी बहाल हो गया है। चड़वाल में बन रहे एक्सप्रेस-वे के फ्लाईओवर का काम फिर से शुरू हो गया है जो करीब एक महीना पहले भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान प्रवासी मजदूरों के घर लौटने के कारण रुक गया था।
एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य और हाईवे के चौड़ीकरण के काम की गति 80 प्रतिशत तक कम हो गई थी। मजदूरों की कमी के कारण इस फ्लाईओवर का काम प्रभावित हुआ।
हाईवे पर कई जगहों पर रुके निर्माण कार्य अब फिर से शुरू हो गए हैं। ऐसे में इसी महीने में पूरा होने वाला काम अब दो महीने बाद पूरा होगा। अधूरा निर्माण कार्य पूरा होने से स्थानीय लोगों को भी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। कार्यदायी संस्थाओं को भी राहत मिली क्योंकि अधिक समय लगने से निर्माण कार्य की लागत भी बढ़ जाती है।
कोट
प्रवासी मजदूरों के घर लौटने से निर्माण कार्यों में देरी हुई है। अब भी करीब 50 प्रतिशत मजदूर ही काम पर लौटे हैं। मजदूरों की कमी के कारण तय समय में पूरे होने वाले निर्माण कार्यों में डेढ़ से दो महीने का अधिक समय लग सकता है। -शुभम, साइट इंजीनियर, एनएचएआई, हीरानगर।
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