जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भलेसा के घिल नाला (गुंदोह) इलाके में मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रहा एक निर्माणाधीन पुल अचानक ढह गया।
हादसे में एक महिला मजदूर की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई जबकि 12 अन्य मजदूर घायल हो गए हैं। गंभीर रूप से घायल आठ मजदूरों को सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) डोडा रेफर किया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा दोपहर करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच हुआ। उस समय साइट पर करीब 12 से 13 मजदूर पुल के ऊपरी हिस्से पर शटरिंग और स्लैब डालने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पूरा ढांचा नीचे गिर गया और मजदूर मलबे में दब गए।
हादसा होते ही स्थानीय लोगों और सह-कर्मियों ने तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया और मलबे से घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही एसडीएम गुंदोह अरुण कुमार बुट्याल और बचाव दल मौके पर पहुंचे।
हादसे का शिकार हुए मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे जो करीब 15 दिन पहले ही यहां मजदूरी के लिए पहुंचे थे (शुरुआती जानकारी में उनके बिहार के होने की बात भी सामने आई थी)
अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ने वाली महिला मजदूर की पहचान छत्तीसगढ़ की नीरा साहू के रूप में हुई है। इस दाैरान अफरा तफरी का माहाैल बना रहा। जीएमसी डोडा प्रशासन के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती कराए गए घायलों में से 2 मजदूरों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं जिनका सीटी स्कैन कराया गया है। डॉक्टरों की टीम सभी घायलों की स्थिति स्थिर करने में जुटी है।
ठेकेदार पर लगा घटिया सामग्री लगाने व लापरवाही का आरोप
इस बड़े हादसे के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर ठेकेदार की लापरवाही को हादसे की वजह बताया है। लोगों का आरोप है कि पुल की दीवार निर्माण में सरिए का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं किया गया था और इस्तेमाल किया गया अन्य मटीरियल भी बेहद घटिया दर्जे का था। दीवार में छेद करके सरिए को टिकाया गया था और उसी कमजोर बुनियाद पर शटरिंग कर स्लैब डाला जा रहा था। सही तकनीक और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ही इतना बड़ा हादसा हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।