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रमजान के बीच मंदिरों और सैन्य शिविरों पर हो सकते हैं आतंकी हमले, एजेंसियों को मिले इनपुट

Tue, 13 Jun 2017 12:00 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
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आतंकी हमले की साजिश - फोटो : Demo Photo
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नियंत्रण रेखा पर आतंकियों की घुसपैठ कराने में लगातार नाकाम रहने के बाद लश्कर-ए-तैयबा ने अब रणनीति बदल दी है। लश्कर ने नए भर्ती किए युवाओं के जरिये मंदिरों और सरकारी भवनों को निशाना बनाने की साजिश बुनी है।
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आतंकी संगठन ने रमजान के महीने में बड़े हमले को अंजाम देकर तनाव फैलाने का षड्यंत्र रचा है। चूंकि अमरनाथ यात्रा के शुरू होने में अब सिर्फ एक पखवाड़ा ही रह गया है, लिहाजा सुरक्षा बलों ने अलर्ट जारी कर चौकसी बढ़ा दी है। 

सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक नियंत्रण रेखा पर कश्मीर घाटी में मौजूद लश्कर आतंकियों की पाकिस्तानी हैंडलर से बातचीत पकड़ी गई है। पाकिस्तानी हैंडलर अब मंदिरों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का फरमान जारी कर रहे हैं।
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अमरनाथ यात्रा के पहले दहशत फैलाने की साजिश

आतंकी हमले की साजिश - फोटो : File Photo
अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले तनाव और दहशत फैलाने के उद्देश्य से कम उम्र के कश्मीरी युवाओं का इस्तेमाल हो सकता है। इसके अलावा नियंत्रण रेखा पार से हर दिन कम से कम तीन फिदायीन दस्तों की घुसपैठ की कोशिश हो रही है। 

सेना के सूत्रों ने बताया कि नियंत्रण रेखा पर लगातार चौकसी के कारण आतंकी संगठनों के मंसूबे नाकाम हुए हैं, लेकिन खतरा घटने के बजाय बढ़ा है। आतंकी सब्जार भट की मौत के बाद कश्मीर में बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने की हिजबुल मुजाहिदीन और अलगाववादियों की साजिश इस बार नाकाम रही है। इस कारण अब हिजबुल भी नियंत्रण रेखा पार से आतंकियों की घुसपैठ के जरिये हमले को अंजाम देने की साजिश पर काम कर रहा है। 
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विधानसभा सत्र के दौरान हो सकते हैं हमले

आतंकी हमले की साजिश - फोटो : डेमो फोटो
श्रीनगर में विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान शहर में आतंकी हमले की आशंका है। जीएसटी को जम्मू कश्मीर में लागू करने का रास्ता साफ करने के लिए 17 जून से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। सत्र में जीएसटी के लिए रियासत का अलग कानून बनाने के लिए विधेयक पारित कराया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि उस दौरान पत्थरबाजी, उपद्रव और हिंसा की घटनाएं बढ़ सकतीं हैं। साथ ही नियंत्रण रेखा पार से फिदायीन दस्तों की घुसपैठ की कोशिशें भी बढ़ेंगी। 
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