- सेना के खिलाफ बयान देने वाले भाजपाई नेताओं पर कार्रवाई की मांग
- कांग्रेस बोली- सेना की शहादत का सियासी फायदा उठाना बंद करे भाजपा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गृह मंत्री अमित शाह के जम्मू कश्मीर दौरे के पहले दिन बुधवार को कांग्रेस ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा में गंभीर चूक के आरोप लगाए हैं और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही कांग्रेस ने सेना के खिलाफ अपमानजनक बयान देने वाले भाजपा नेताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए भाजपा नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि पहलगाम के बायसरन क्षेत्र में, जहां रोजाना दो हजार पर्यटक आते हैं, वहां हमले के वक्त सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं थे? उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सीधे गृह मंत्रालय की है, ऐसे में गृह मंत्री को जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देना चाहिए। इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री विजय शाह और जम्मू कश्मीर के भाजपा विधायक आरएस पठानिया ने सेना के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए, लेकिन भाजपा नेतृत्व चुप्पी साधे बैठा है। कांग्रेस ने हमले में शहीद हुए लोगों को शहीद का दर्जा देने, सीमा पर या कहीं और देश के लिए जान गंवाने वालों को सम्मान देने और उनके परिजनों को पचास लाख रुपये मुआवजा व नौकरी देने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में बंकर और पांच मरला के प्लॉट देने और विशेष पुनर्वास पैकेज की भी मांग की। पार्टी मुख्यालय में आयोजित इस प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला, मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा, पूर्व विधायक बलवान सिंह, पूर्व मंत्री योगेश साहनी, पूर्व एमएलसी वेद महाजन और मीडिया समन्वयक नीरज गुप्ता मौजूद रहे।
कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस
रमन भल्ला ने विदेश मंत्री एस.जयशंकर के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने ''''ऑपरेशन सिंदूर'''' से पहले पाकिस्तान को जानकारी देने की बात कही थी। उन्होंने इसे राष्ट्र के साथ धोखा और देशद्रोह करार दिया? कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर सेना का अपमान करने वाले भाजपा नेताओं पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी।