जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव 2024 के बाद से ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी का सांगठनिक ढांचा चरमराया हुआ है। एक तरफ जहां वह भाजपा को अपना मुख्य प्रतिद्वंदी मानती है तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस में अध्यक्ष-प्रवक्ता को छोड़कर उपाध्यक्ष, महामंत्री से लेकर जिला स्तर पर पदाधिकारियों और प्रवक्ताओं के लगभग सभी महत्वपूर्ण पद खाली हैं।
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव 2024 के बाद से ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी का सांगठनिक ढांचा चरमराया हुआ है। एक तरफ जहां वह भाजपा को अपना मुख्य प्रतिद्वंदी मानती है तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस में अध्यक्ष-प्रवक्ता को छोड़कर उपाध्यक्ष, महामंत्री से लेकर जिला स्तर पर पदाधिकारियों और प्रवक्ताओं के लगभग सभी महत्वपूर्ण पद खाली हैं। आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए अब जमीनी कार्यकर्ताओं ने इन रिक्त पदों को भरने की मांग तेज कर दी है। चर्चा है कि इस बार नियुक्तियों का मुख्य आधार केवल जनता और पार्टी में लोकप्रियता को बनाया जाएगा।
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वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी में केवल गिने-चुने चेहरे ही कमान संभाले हुए हैं। तारिक हमीद कर्रा प्रदेश अध्यक्ष और रमन भल्ला कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। इनके अलावा पूर्व एमएलसी रविंदर शर्मा को मुख्य प्रवक्ता और वेद महाजन को कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है। इन पदों को छोड़कर उपाध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष और कार्यसमिति सदस्यों की पूरी सूची खाली है।
कमोवेश यही हाल जिला कमेटी की भी है। लंबी खींचतान के बाद जनवरी 2026 में राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश में पार्टी के 21 जिलों के लिए केवल अध्यक्षों के नामों की घोषणा की थी। उस सूची को लेकर भी पार्टी के भीतर काफी विवाद और हंगामा हुआ था। आरोप लगे थे कि कई ऐसे चेहरों को भी अध्यक्ष बना दिया गया जिनका नाम शुरुआती चर्चाओं और सूची में था ही नहीं।
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अब प्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में संगठन को मजबूत करने और खाली पड़े पदों पर नियुक्ति की मांग ने फिर जोर पकड़ा है। वर्षों से पार्टी का झंडा उठा रहे कार्यकर्ता उपाध्यक्ष, महामंत्री, संयुक्त मंत्री, कोषाध्यक्ष, लेखा परीक्षक, कार्यकारिणी सदस्य समेत जैसे अन्य पदों के लिए अपनी दावेदारी के लिए तैयार हैं। वे केवल आलाकमान की हरी झंडी का इंतजार कर रहे हैं।
कर्रा और भल्ला के बहाने संतुलन बनाने का गणित
प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रमन भल्ला के बहाने पार्टी ने प्रदेश कमेटी में संतुलन बनाने और इच्छुक दावेदारों को शांत रखने का गणित बना रखा है। कर्रा कश्मीर संभाग के रहने वाले हैं तो रमन भल्ला जम्मू संभाग से हैं। मंशा है कि दोनों संभाग से दो महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के होने से अन्य कोई विरोध नहीं करेगा और न ही दावेदारी।