जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने नार्को आतंकवाद की बड़ी साजिश नाकाम की है। अरनिया सेक्टर में ड्रोन से गिराई गई तीन किलो हेरोइन बरामद हुई। वहीं पुंछ में एलओसी के पास हथियार और संदिग्ध ड्रग्स मिले, जबकि बांदीपोरा के जंगल में गोला-बारूद और हथियार जब्त किए गए।
जम्मू-कश्मीर की अवाम जागरूक हुई और नशे को न कहने लगी तो पाकिस्तान और उसके पाले आतंकी संगठन बेचैन हो उठे। नशा मुक्त अभियान में सेंध लगाने के षड्यंत्र के तहत पाकिस्तान ने तीन किलो हेरोइन जम्मू-कश्मीर में खपाने की फिर कोशिश की। तस्करों के हाथ लगने से पहले ही सुरक्षाबलों ने इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास अरनिया सेक्टर (जम्मू) से बरामद कर लिया। इसे ड्रोन से गिराया गया था। इस सेक्टर में ये सबसे बड़ी बरामदगी है।
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अरनिया सेक्टर में पिछले कुछ दिनों से ड्रोन की गतिविधियों के इनपुट थे। बीएसएफ व पुलिस पहले से ही अलर्ट थी। एसपी हेडक्वार्टर अन्ना लता सिन्हा ने बताया कि बहादुरपुर गांव निवासी किसान दर्शन लाल बुधवार सुबह खेतों में गया था। उन्होंने वहां पीले रंग का एक बैग देखा। इसकी सूचना बीएसएफ और पुलिस को दी गई। बैग को कब्जे में लिया गया। कुछ देर बाद एफएसएल की टीम पहुंच गई। बैग खोला तो इसमें पांच पैकेट मिले। इसमें तीन किलो हेरोइन निकली।
पुंछ में एलओसी के पास दो बैग में मिले ड्रग्स व हथियार
मेंढर क्षेत्र में बुधवार देर शाम एलओसी के पास से दो बैगों में इग्स और हथियार मिले हैं। इन बैगों में खाने-पीने का सामान, एक चाइनीज पिस्टल और एक मैगजीन मिली है। सूत्रों के अनुसार बरामद सामान अभी सेना के पास ही है। पता लगाया जा रहा है कि आतंकियों ने कहीं घुसपैठ तो नहीं की है। यह मामला नार्को आतंकवाद से जुड़ा भी हो सकता है। बैग में नशीले पदार्थ कौन से हैं और इनकी मात्रा कितनी है, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
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बांदीपोरा के जंगल में हथियार और गोला-बारूद बरामद
बांदीपोरा जिले के सहगुंड के जंगल में सुरक्षाबलों ने हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विशेष सूचना के आधार पर सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन, क्यूएटी-45, एसओजी हाजिन, एसओजी संबल और सेना की 13 राष्ट्रीय राइफल्स ने संयुक्त अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान एक ठिकाने से एक चाइनीज ग्रेनेड, दो यूबीजीएल राउंड, एके सीरीज के 60 कारतूस, गोला-बारूद और असाल्ट राइफल की दो मैगजीन मिली हैं।