कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह धर्म के नाम पर मुख्यमंत्री नहीं चुनेगी। कांग्रेस की जनरल सेक्रेटरी और जम्मू-कश्मीर प्रभारी अंबिका सोनी ने अपने ही मंत्री के बयान पर स्पष्ट किया कि कांग्रेस धर्म के आधार पर कभी सीएम नहीं चुनती। अवाम द्वारा चुन कर विधानसभा में पहुंचने वाले कांग्रेसी विधायक ही अपना लीडर चुनेंगे।
अंबिका कांग्रेसी मंत्री के उस बयान पर पूछे सवाल का जवाब दे रहीं थीं, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हिंदू मुख्यमंत्री चुनने की बात कही थी। कांग्रेस वाइस प्रेसीडेंट राहुल गांधी युवाओं को आगे लाने की बात करते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में टिकट देने के दौरान युवाओं को खास प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
इस सवाल पर अंबिका ने कहा कि ऐसा नहीं है। चुनाव के दौरान टिकट देने के लिए कांग्रेस का एक पूरा तंत्र काम करता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ। उस दौरान युवाओं की दावेदारी पर भी विचार किया गया था। चूंकि इस बार चुनाव में एक-एक सीट महत्व रखती है।
इसलिए काफी सोच समझकर मजबूत दावेदारों को टिकट दी गई है। यह बात युवा नेता भी अच्छी तरह जानते हैं। कई स्थानों पर युवाओं का दावा मजबूत था, वहां उन्हें टिकट दिया गया है। कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य भाजपा जैसी पार्टियों को रोकना है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस रियासत में बहुमत हासिल कर सरकार बनाएगी।
परिणाम के बाद ही गठबंधन पर होगा विचार: सोज
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रोफेसर सैफुद्दीन सोज ने स्पष्ट किया कि रियासत में चुनाव के दौरान अभी किसी भी पार्टी से गठबंधन पर विचार नहीं हुआ है। सोज ने कहा कि परिणाम आने के बाद देखा जाएगा कि किसी पार्टी से गठबंधन करने की जरूरत है या नहीं।
जरूरत हुई तो उसी समय गठबंधन पर विचार होगा। सोज ने स्पष्ट किया कि घाटी के लोग जानते हैं कि कांग्रेस ही उन्हें विकास के लिए सरकार प्रदान कर सकती है। रिफ्यूजियों के पैकेज के संबंध में उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बहुत पहले ही इसे बना दिया था। लेकिन अब उस पर श्रेय लेने की होड़ मची है।