सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी अब आनलाइन बैंकिंग सुविधा का लाभ मिलने लगा है। शिक्षा विभाग अब सीधे वजीफे की राशि को विद्यार्थियों के एकाउंट में जमा कर रहा है। यह सारी कार्यप्रणाली बैंक के बजाय सीईओ कार्यालय से की जा रही है। काफी संख्या में विद्यार्थियों के एकाउंट में राशि को जमा भी किया जा चुका है।
सर्व शिक्षा अभियान और अन्य कई योजनाओं के तहत शिक्षा विभाग गरीबी रेखा से नीचे, गुज्जर बक्करवाल समुदाय और अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को वजीफा उपलब्ध करवाता आ रहा है। इस राशि से विद्यार्थियों को अपनी आगे की पढ़ाई को जारी रखने में मदद मिलती है। पहले यह राशि चेक के रूप में शिक्षा विभाग के पास पहुंचती थी।
फिर शिक्षा विभाग सभी चेक को शिक्षा जोन में भेजता था। शिक्षा जोन स्कूलों में पहुंचाते थे और फिर विद्यार्थियों को चेक दिए जाते थे। कई बार तो चेक विद्यार्थी को मिलता भी नहीं था और राशि का इस्तेमाल नहीं हो पाता था। कई बार विद्यार्थियों को चेक से राशि निकालने में परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के बैंक एकाउंट खुलवाकर समस्या को हल करना शुरू कर दिया है।
शिक्षकों को एकाउंट खोलने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। सभी के जीरो बैलेंस पर एकाउंट खोले जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को वजीफे की राशि हासिल करने के लिए बार-बार स्कूलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अगर स्कूलों में सर्दियों या फिर गर्मियों की छुट्टियां होंगी तो भी वजीफे की राशि सीधे एकाउंट में जमा हो जाएगी। इस राशि को बैंक नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग ही एकाउंट में जमा करेगा।
यह सुविधा आनलाइन बैंकिंग से दी जाएगी। इसके लिए सीईओ कार्यालयों में आनलाइन बैंकिंग की सुविधा रखी गई है। शिक्षा विभाग के पास विद्यार्थियों के एकाउंट के नंबर पहुंचते जा रहे हैं और आनलाइन बैंकिंग से राशि को एकाउंट में जमा भी किया जा रहा है।
चीफ एजूकेशन अफसर जम्मू तरसेम लाल ने बताया कि आदेश मिलते ही शिक्षा विभाग इस काम में जुट गया था। सर्व शिक्षा अभियान के तहत लगभग सभी विद्यार्थियों के एकाउंट में वजीफे की राशि जमा करवाई जा चुकी है। बचे हुए विद्यार्थियों के एकाउंट में भी जल्द जमा करवा दी जाएगी।