एम्स को कश्मीर में मंजूर किए जाने के विरोध में राजभवन पर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा की केंद्र और राज्य की पीडीपी गठबंधन सरकार को आड़े हाथ लेते हुए दोनों पर जम्मू संभाग के नागरिकों को गुमराह करने का आरोप लगाया। दोनों सियासी दल अपनी कुर्सी के लिए ही सियासत कर रहे हैं।
धरने का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री शाम लाल शर्मा और विधायक दल के नेता नवांग रिग्जिन जोरा ने कहा कि केंद्र में भाजपा के होते हुए भी एम्स को जम्मू में मंजूर नहीं कराया गया है। कश्मीर में पहले से एम्स की तर्ज पर कई चिकित्सा संस्थान काम कर रहे हैं। जम्मू में इसकी ज्यादा जरूरत थी, लेकिन जम्मूवासियों की भावनाओं को दरकिनार करते हुए एम्स को कश्मीर शिफ्ट कर दिया गया।
हालांकि लोकसभा में पीएमओ में मंत्री डा. जतिंद्र सिंह ने जम्मू में एम्स और आईआईटी और आईआईएम को राज्य बजट में देने की घोषणा की थी। भाजपा के इस कथन से जम्मू संभाग के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जम्मू में एम्स खुलने से साथ लगते राज्यों के लोग भी आधुनिक चिकित्सा का लाभ ले पाते। धरने पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता बैठे।