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पार्थिव शरीर पहुंचते ही गूंज उठे विशाल जिंदाबाद के नारे

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शहीद के अंतिम दर्शन के लिए मौजूद सेना, पुलिस के अधिकारी व अन्य।
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अखनूर। अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा कामेंग सेक्टर में हिमस्खलन में चपेट में आने से शहीद हुए गांव चक मलाल के विशाल शर्मा शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। गांव के श्मशान घाट पर सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। शहीद के चचेरे भाई निखिल शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। शहीद के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और विशाल जिंदाबाद, अमर रहे के नारे लगाए।
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इससे पहले सड़क से सेना के वाहन में शहीद का पार्थिव शरीर गांव मुठी मैरा में पहुंचने पर बाइक और कार रैली की शक्ल में लोगों ने स्वागत किया। घर पहुंचने तक अमर रहे के जयघोष लगते रहे। शहीद के पार्थिव शरीर के पहुंचने पर लोगों में शोक लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार एकत्रित हो गए। घर में मां, बहन और रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल था। विशाल शर्मा 2018 में सेना में भर्ती हुए। पिता सेना से सेवानिवृत्त हुए। उनका निधन हो गया है। छोटी बहन का दो माह पहले ही विवाह हुआ है। घर में इकलौता बेटा ही मां को सहारा था। विशाल शर्मा के विवाह का सपना संजोया हुआ था।
शहीद के अंतिम संस्कार में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना, सांसद जुगल किशोर शर्मा, पूर्व मंत्री और भाजपा उपाध्यक्ष शाम लाल शर्मा, पूर्व विधायक राजीव शर्मा, पूर्व उपमुख्यमंत्री ताराचंद, पूर्व विधायक कृष्ण लाल, डीडीसी उपाध्यक्ष सूरज सिंह, किसान एडवाइजरी बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष दलजीत सिंह, एसएसपी चंदन कोहली, एसडीपीओ वरुण जंडियाल, थाना प्रभारी बलविंदर सिंह सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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शहीद अनिल सिंह की याद हुई ताजा
अखनूर। गांव चक मलाल के रहने वाले जवान अनिल सिंह 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए। उनका भी यहीं पर अंतिम संस्कार किया गया। शहीद विशाल शर्मा के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस दौरान लोगों में अनिल सिंह की शहादत ताजा हो गई। लोगों का कहना है कि विशाल शर्मा से पहले इसी गांव के जवान अनिल सिंह कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे। जो आज दोबारा याद हो गई। संवाद
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