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J&K: साइबर क्राइम पर लगाम लगाएगी कंप्यूटर फोरेंसिक लैब

Wed, 08 Feb 2017 12:57 PM IST
विनय सिंह,अमर उजाला/जम्मू
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साइबर क्राइम - फोटो : डेमो फोटो
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जम्मू कश्मीर में फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) ने क्राइम से जुड़े मुद्दों पर गहन जांच के लिए श्रीनगर में डीएनए टेस्ट के लिए लैब का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इसके साथ ही साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों के मद्देनजर कंप्यूटर फोरेंसिक लैब का भी निर्माण किया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से मोबाइल और कंप्यूटर से जुड़े मुद्दों को हल किया जाएगा। 
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डीएनए टेस्टिंग लैब में जरूरी उपकरणों को स्थापित करने की कवायद चालू है। लैब में किसी केस से जुड़े व्यक्ति के ब्लड सैंपल के जरिये उसका डीएनए टेस्ट किया जा सकेगा। इसका मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति और उसके परिवार के अलावा किसी अन्य द्वारा उस पर दावा किए जाने से उसके ब्लड सैंपल के जरिये उसके सही परिवार का पता लगाया जा सकता है।

कंप्यूटर या मोबाइल से हुए आनलाइन फ्राड या यूं कहें कि साइबर क्राइम पर भी जांच की जा सकेगी। इसके लिए पुलिस हेडक्वार्टर की ओर से उपकरणों को खरीदा जा रहा है। इसके साथ ही उपकरणों को उपलब्ध कराने वाली कंपनी से ही उनके उपयोग के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। 
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अब तक दिल्ली या चंडीगढ़ भेजे जाते थे केस

साइबर क्राइम के बढ़ते मामले - फोटो : डेमो फोटो
वहीं डीएनए लैब टेस्टिंग का मुख्य फायदा व्यक्ति की पहचान और दूसरे द्वारा किए दावे की सत्यता परखने में की जाएगी। तो वहीं साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों के मद्देनजर कंप्यूटर सिस्टम से छेड़छाड़ या मोबाइल से जुड़े मामलों को परखा जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले साइबर से जुड़े मुद्दों को या तो चंडीगढ़ या दिल्ली भेजा जाता था। इसकी वजह से केसों को हल होने में वक्त लगता था। श्रीनगर में इसके तैयार होने से आनलाइन फ्राड और आनलाइन अफवाह फैलाने पर रोक लग सकेगी।
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जानें क्या है साइबर क्राइम?

साइबर क्राइम - फोटो : Demo
निजी जानकारी चुराना
इसे साधरण शब्दों में हैकिंग कहते हैं। इसके जरिये साइबर अपराधी आपके कंप्यूटर नेटवर्क में प्रवेश कर आपकी निजी जानकारी जैसे, नेट बैंकिंग पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुरा लेते हैं। यह तरीका सबसे पुराना और साइबर अपराधियों के लिए कारगर है।

फिसिंग
यह शब्द साइबर क्राइम के  जगत में काफी आम और मुख्य शब्द है। इसके जरिये आपको फर्जी मेल भेजकर ठगा जाता है। इसमें आपके पास कोई मेल आती है और व्यक्ति से कहा जाता है कि आपने यह इनाम जीता है। इसके लिए बैंक से जुड़े डाटा भरे जाएं। इसके जरिये आदमी आनलाइन ठगी या फिसिंग का शिकार होता है।

साफ्टवेयर पायरेसी
नकली साफ्टवेयर तैयार कर सस्ते दामों पर बेचना भी साइबर क्राइम में आता है। इसकी वजह से साफ्टवेयर कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

सोशल साइट के जरिये अफवाह फैलाना
बहुत से लोग सोशल साइट पर सामाजिक, वैचारिक, धार्मिक और राजनीतिक अफवाह फैलाते हैं। इसको अन्य लोगों द्वारा फैलाया जाता है। इसी पर लगाम लगाने और संदिग्ध व्यक्ति का पता करना ही साइबर क्राइम पर रोक है।
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