फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Communal Harmony : पांच दशक बाद सुलझा कारगिल में गोंपा भूमि विवाद, अब सहमति से होगा निर्माण

Sun, 04 Sep 2022 01:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह

सार

Communal Harmony: वर्ष 1969 में सरकारी आदेश के तहत लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन को आवंटित जमीन पर अब आम सहमति से गोपा (बौद्ध मठ) का निर्माण किया जाएगा। 53 वर्ष पुराने इस विवाद को कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (केडीए) और लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन (एलबीए) ने शनिवार को सुलझा लिया।
 
विज्ञापन
dalai lama
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लद्दाख के बौद्ध बहुल लेह और मुस्लिम बहुल कारगिल जिलों के बीच पांच दशक से तनाव की वजह रहे गोंपा भूमि विवाद को दोनों समुदायों ने सुलझा लिया है। वर्ष 1969 में सरकारी आदेश के तहत लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन को आवंटित जमीन पर अब आम सहमति से गोपा (बौद्ध मठ) का निर्माण किया जाएगा। 53 वर्ष पुराने इस विवाद को कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (केडीए) और लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन (एलबीए) ने शनिवार को सुलझा लिया।

विज्ञापन


अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र के फैसले का कारगिल में जोरदार विरोध हुआ था, जबकि लेह में जश्न मनाया गया था। इससे भी दोनों जिलों में दूरियां बढ़ गई थीं। इस बीच जून माह में लेह से बौद्ध नेता पलगा रिंपोछे ने कारगिल में गोंपा निर्माण के समर्थन में शांति मार्च निकाला था, जिसके कारगिल पहुंचने पर तनाव बढ़ गया था। प्रशासन ने हस्तक्षेप कर पद यात्रा को कारगिल कस्बे के बाहर से ही लौटा दिया था। इससे दोनों समुदायों के बीच लगातार तनाव चल रहा था। 

शनिवार को केडीए और एलबीए के प्रमुख प्रतिनिधियों ने बैठक कर दो कनाल भूमि गोंपा निर्माण के लिए देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। प्रस्ताव के अनुसार सरकार के वर्ष 1969 के आदेश के तहत लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद कारगिल के माध्यम से कुरबथंग पठार पर दो कनाल भूमि का गोंपा निर्माण के लिए हस्तांतरण किया जाएगा। यह कदम दोनों समुदायों में धार्मिक सौहार्द की पुरानी परंपरा को बरकरार रखने के लिए मिसाल के तौर पर उठाया गया है। कारगिल में कुरबथंग पठार मुस्लिम बहुल इलाके में है।
विज्ञापन


धर्मगुरु दलाईलामा के दौरे का भी माना जा रहा असर
बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा ने हाल ही में लद्दाख का एक माह का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने सभी धर्मों के लोगों से संवाद कर आपसी सौहार्द पर जोर दिया था। धर्मगुरु ने लेह स्थित मस्जिद में जाकर मुस्लिम टोपी पहनकर भी उपदेश दिए थे। ऐसे में गोंपा भूमि विवाद के आम सहमति से निपटारे में धर्मगुरु के दौरे को भी एक वजह माना जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें