आगामी बागवानी सत्र के लिए ट्री स्प्रे ऑयल की उपलब्धता पर चर्चा के लिए शनिवार को यहां बैठक बुलाई गई थी, जिसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और विभिन्न तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के अलावा कृषि और बागवानी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया था।
मंजूर अहमद ने अधिकारियों पर जोर देते हुए कहा कि बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले पदार्थों को उपलब्ध कराने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि प्रमाणीकरण और तेल निर्माताओं द्वारा नियमों के अनुपालन संबंधी समस्याओं के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी शीघ्र गठित की जाएगी।
उन्होंने बाजार में आने वाले रसायनों की निगरानी और बेहतर व्यवस्थापन के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की सहायता लेने की बात भी कही। इसी के साथ ही उन्होंने उर्वरक और कीटनाशकों की त्वरित व प्रभावी निगरानी के लिए जिला स्तर पर प्रयोगशाला स्थापित करने को कहा। पिछले साल, लगभग 12 पेट्रोलियम कंपनियों को कृषि विश्वविद्यालयों से अवशिष्ट रिपोर्ट और जैव दक्षता परीक्षण लेने के बाद इन ट्री स्प्रे तेलों का व्यवसाय करने की अनुमति दी गई थी।