संसदीय स्थायी समिति ने फंड आवंटन में कमी के कारण विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए पुनर्वास योजना के कार्यान्वयन नहीं होने पर नाखुशी व्यक्त की है। समिति ने कश्मीरी पंडितों के लिए जल्द रोजगार और आवास की मंजूरी देने की जोरदार सिफारिश की है।
गृह मंत्रालय को सौंपी 192 पेज की रिपोर्ट में गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने कहा, ‘समिति प्रभावशाली रूप से सिफारिश करती है कि गृह मंत्रालय को इस मामले को कैबिनेट के समक्ष लाना चाहिए जिससे कश्मीरी विस्थापितों को शीघ्र नौकरी की मंजूरी मिले और उनके लिए आवासों का निर्माण किया जा सके।
समिति ने कश्मीरी विस्थापितों के लिए पुनर्वास योजना के प्रोजेक्टों को अंतिम रूप नहीं दिए जाने या अन्य प्रक्रियात्मक तकरार पर नाखुशी व्यक्त की है। इस कारण पिछले वित्तीय वर्ष में खर्च और आवंटन में कमी आई है।
समिति का मानना है कि सरकार को जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रस्ताव को सकारात्मक रूप में देखना चाहिए। एक संसदीय समिति ने बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास कार्यक्रम के प्रति भी असंतोष जताया है।