हाईकोर्ट में खराब ई-कनेक्टिविटी के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी समीक्षा करेगी कि मौजूदा ढांचे में कहां कमियां हैं और इसमें सुधार कैसे किया जा सकता है। दरअसल, हाईकोर्ट को वर्चुअल मोड पर मामलों की सुनवाई में दिक्कत आ रही थी। जिस पर हाईकोर्ट ने गृह विभाग के सचिव से जवाब मांगा था। शुक्रवार को गृह सचिव शलीन काबरा वर्चुअल मोड के माध्यम से मामले की सुनवाई के लिए हाजिर हुए।
चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस संजय दार वाली खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। गृह सचिव ने खंडपीठ को बताया कि खराब ई-कनेक्टिविटी में कहां दिक्कत आ रही है। काबरा ने बताया कि इसके बहुत से कारण हैं। लीजलाइन की वजह से यह समस्या पेश आ रही है। लीजलाइन की बैंडविड्थ बढ़ाने की आवश्यकता है। सॉफ्टवेयर का अधिक इस्तेमाल भी एक कारण है।
यह भी बताया कि इसकी मौजूदा बैंडविड्थ का बहुत से लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। यह भी एक कारण है। गृह सचिव को सुनने के बाद गृह सचिव के नेतृत्व में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार आईटी, एनआईसी के एसआईओ, बीएसएनएल के नोडल अधिकारी और एनआईएलआईटी के निदेशक वाली कमेटी गठित की। जो इस मामले को देखेगी। कमेटी तय करेगी कि इसमें कैसे सुधार किया जा सकता है।