कश्मीर घाटी के सभी जिलों के साथ उत्तराखंड व हिमाचल के कई इलाकों में पारा शून्य डिग्री से नीचे चला गया है। पहाड़ी क्षेत्रों के झरने व तालाब जमने लगे हैं। ठंडी हवाएं शीतलहर का अहसाए करा रही है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।
जम्मू संभाग में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से माइनस एक से माइनस छह डिग्री तक गिरा है। श्रीनगर में माइनस 4.1 डिग्री के साथ वीरवार की रात सीजन की सबसे सर्द बीती।
जम्मू संभाग के बनिहाल में भी सीजन में पहली बार न्यूनतम पारा शून्य डिग्री से नीचे गया है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, आठ दिसंबर की रात से नाै दिसंबर तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश-बर्फबारी हो सकती है। 10 से 14 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।
दिसंबर के मध्य में भी मौसम में बिगड़ेगा। 15 से 16 दिसंबर को हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के मौसम में रात के समय ठंड बढ़ गई है। वीरवार रात को प्रदेश में छह जगह न्यूनतम पारा माइनस में पहुंच गया। राजधानी शिमला, नाहन और पांवटा साहिब के अलावा पूरे प्रदेश में रात का तापमान छह डिग्री से कम रहा।
तापमान में कमी आने से पहाड़ी क्षेत्रों में पानी जमने लगा है। सड़कों पर भी फिसलन बढ़ गई है। सैलानियों और स्थानीय लोगों से आगामी कुछ दिनों तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की अपील की गई है।
दारचा-लेह और शिंकुला सड़क 6 महीने तक वाहनों के लिए बंद
केलांग (लाहौल-स्पीति)। सामरिक महत्व की मनाली-सरचू-लेह सड़क को दारचा से आगे वाहनों की आवाजाही के लिए अधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया है। इस साल सीमा सड़क संगठन ने इसे 18 मई को यातायात के लिए बहाल किया था।
अब सात दिसंबर से इस मार्ग पर अगले साल मई महीने तक वाहनों की आवाजाही नहीं होगी। वहीं, दारचा-शिंकुला-जांस्कर सड़क पर भी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है।