भाजपा और पीडीपी गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं है। दोनों दलों के बीच दरार लगातार चौड़ी होती जा रही है। बाढ़ पीड़ितों के राहत और पुनर्वास के पैकेज में हो रही देरी से मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद खफा हैं। वहीं वैष्णो देवी यात्रा में हेलीकाप्टर किराया बढ़ाने और बीफ बैन के विवाद ने आग में घी का काम किया है।
घाटी में बाढ़ से हुए नुकसान के बाद केंद्र सरकार मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज पर तो काम कर रही है लेकिन बाढ़ राहत पुनर्वास पैकेज पर अब तक कुछ नहीं हो पाया है। वित्त मंत्री हसीब द्राबू कहते हैं कि केंद्र सरकार की ओर से अब तक जो घोषणाएं हुई हैं, उसकी राशि भी नहीं मिल पाई है।
केंद्र ने एक साल में सिर्फ चार हजार करोड़ रुपये दिए हैं, जो बहुत पहले खत्म हो चुके हैं। ढाई महीने पहले केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ढाई हजार करोड़ के पैकेज की घोषणा की लेकिन इस मद में अब तक एक भी पैसा नहीं मिल पाया है। ऐसे में मुख्यमंत्री अब सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर करने लगे हैं।