पहलगाम दौरे के दौरान स्थानीय विधायक को नजरअंदाज करने पर विपक्ष में नेकां के विधायक अल्ताफ अहमद वानी ने मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया है। उन्होंने विधानसभा के स्पीकर से प्रस्ताव पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
वानी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री गत दिवस उनके गृह क्षेत्र पहलगाम में आधिकारिक दौरे पर कबीना सदस्यों और अन्य अफसरों के साथ दिनभर रहे, लेकिन स्थानीय विधायक होने के बावजूद उन्हें समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री विपक्षी विधायकों को नजरअंदाज करते हुए उनके मौलिक अधिकारों का हनन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने गत सप्ताह पहलगाम मास्टर प्लान की बैठक में भी उन्हें बाहर रखा, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
वह जम्मू-कश्मीर राज्य के मुख्यमंत्री हैं, न कि सिर्फ पीडीपी के। मुख्यमंत्री के समारोह में हारे हुए पीडीपी के विधायक शामिल किए गए, जबकि मौजूदा विधायक को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया।
पार्टी के प्रवक्ता जुनेद अजाम मट्टू ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह विधानसभा के अधिकारों और प्रोटोकाल के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाए कि सरकार घटिया राजनीति करते हुए नेकां कार्यकर्ताओं के खिलाफ गलत मामले दर्ज करने के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के रिश्तेदार मुलाजिमों को बेवजह तंग कर रही है।