श्रीनगर-गुलमर्ग हाईवे पर नारबल के पास पत्थरबाजी में चेन्नई के पर्यटक की मौत को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ‘मानवता की हत्या’ करार दिया है। घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना दिल दहलाने वाली है जो कश्मीर के आतिथ्य परंपरा और मेहमानों के प्रति सम्मान के खिलाफ है।
यह कश्मीर की सांस्कृतिक मूल्य प्रणाली पर एक धब्बा और यहां की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि एक मां अपनी अगली पीढ़ी को शिक्षित करती हैं। लेकिन हम अपने बच्चों को क्या सिखा रहे हैं.. यही कि पत्थर उठाने और सड़क पर चलने वाले किसी को भी मार देना।
हमारा धर्म हमें अपने मेहमानों की देखभाल और स्वागत करना सिखाता है। ये लोग या लड़के जो किसी को मारने के लिए पत्थर उठाते हैं, उनके पास कोई धर्म नहीं होता है। महबूबा ने कहा कि क्या कोई कल्पना कर सकता है कि एक गरीब पिता ने अपने परिवार को कश्मीर में घुमाने के लिए अपनी पूरी बचत रखी थी और अब वह अपने बेटे के ताबूत के साथ लौट रहा है।
क्या यही है जो हमें चाहिए। पर्यटक की मौत से कश्मीर के पर्यटन पर क्या असर पड़ेगा, इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं पर्यटन पर बात नहीं कर सकती हूं, यह मानवता की हत्या का सवाल है.. और यह कश्मीरियत नहीं हो सकती।’
उन्होंने कहा कि मेरे पास इस घटना की निंदा करने या परिवार के साथ दुख व्यक्त करने के लिए पर्याप्त मजबूत शब्द नहीं है। उन्होंने घटना में घायल हंदवाड़ा की एक अन्य लड़की के शीघ्र स्वस्थ होने की दुआ की है। ज्ञात हो कि घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने सोमवार की रात नौ बजे अस्पताल पहुंचकर थिरुमणि के माता-पिता से मिलकर संवेदना जताई थी।