जम्मू, कश्मीर, लद्दाख आल डिपार्टमेंट क्लेरिकल स्टाफ एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर को क्लर्कों की जायज मांगों खासतौर से वेतन विसंगतियों को दूर करने की ज्वलंत मांगों को पूरा करने के लिए निजी हस्तक्षेप का आग्रह करते हुए चेतावनी दी है कि अगर मांगें जल्द पूरी न हुई तो राज्यभर में क्लर्क सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
इस संबंध में एसोसिएशन की शुक्रवार को प्रधान बाबू हुसेन मलिक की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि क्लर्क व्यवस्था के लिए योग्यता ग्रेजुएशन के अलावा कंप्यूटर और टाइपिंग में दक्षता रखी गई है। इसके बावजूद क्लर्कों को पटवारी, शिक्षकों, मेडिकल असिस्टेंट, स्टाक असिस्टेंट, जूनियर वेल शेफर्ड जितना वेतन भी नहीं दिया जा रहा है।
मलिक ने कहा कि समय समय पर सरकार की ओर से आश्वासन दिए गए लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया है। ऐसे में अगर वेतन विसंगतियों को दूर करने की प्रमुख मांग के अलावा 17 फीसदी लंबित डीए जारी करने, मेडिकल अलाउंस को बढ़ाकर 1000 रुपये करने और एडहाक, डेलीवेजरों और कैजुअल लेबर के लिए नियमित करने की नीति जल्द तैयार न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई। बैठक में खुर्शीद अहमद दीवानी, जावेद अहमद आखून, भारत भूषण, सेवा राम राठौर आदि ने भी विचार रखे।