कश्मीर के बडगाम जिले में सेना की गोलीबारी में दो युवकों की मौत की घटना के बाद चौथे दिन भी इलाके में तनावपूर्ण स्थिति रही। पूरे दिन रुक रुक कर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें देखने को मिलीं। स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल के जवानों की इलाके में तैनाती की थी। इलाके में गुरुवार को भी हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भले ही अलगाववादियों द्वारा बंद का आह्वान नहीं किया गया था, उसके बावजूद नौगाम और उसके आसपास के इलाकों में आम जनजीवन पर असर दिखा। स्थानीय लोगों ने इस घटना के विरोध में रोष प्रकट करते हुए अपनी दुकानें बंद रखीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन द्वारा पहले से ही नौगाम इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया था।
बावजूद इसके दिन भर रुक रुक कर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के जवानों के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं, जिसके दौरान प्रदर्शन कर रहे युवकों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े। प्रदर्शन के दौरान तीन प्रदर्शनकारियों को मामूली चोटें लगने की खबर है।
इसके अलावा श्रीनगर के पुराने शहर के नौहट्टा समेत अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती की गई थी। गौरतलब है कि इन युवकों की मौत पर घाटी में एक आक्रोश की लहर सी है इस मामले पर शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद अलगावादियों द्वारा लोगों से घटना के विरोध में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अपील की गई है।
इंसाफ की गुहार
मारे गए युवकों के परिवार वाले इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। उनके अनुसार, अगर सेना द्वारा कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए हैं तो उसमें निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए। नौगाम घटना में घायल हुए जाहिद भट और शाकिर भट का इलाज अभी भी सेना के 92 बेस अस्पताल में चल रहा है। सेना के प्रवक्ता के अनुसार दोनों की हालत खतरे से बाहर है और उन्हें पूर्ण इलाज दी जा रही है।