जीएमसी के वार्ड पांच में मंगलवार दोपहर बाद डाक्टरों की मरीज और उसके साथ आए तीमारदारों के साथ जबरदस्त झड़प हो गई। बात मारपीट तक पहुंची। दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगे।
तीमारदारों का आरोप था कि उन्हें जबरदस्ती घर भेजा जा रहा है और उनका इलाज नहीं किया जा रहा, जबकि डाक्टरों का आरोप था कि तीमारदारों ने उनसे बेवजह मारपीट की। मरीज स्वस्थ था और उसे डिस्चार्ज किया जा रहा था।
बख्शीनगर पुलिस ने गुज्जर नगर निवासी शकीलू रहमान और दो महिलाओं के खिलाफ मारपीट और पुलिस से दुर्व्यवहार करने का मामला दर्ज किया है।
जीएमसी के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार डाक्टरों की शिकायत पर तीमारदारों के खिलाफ पुलिस ने धारा 353, 332, 323, 34 आरपीसी के तहत मामला दर्ज कराया गया है। डाक्टरों के साथ मरीज के अलावा महिला तीमारदारों ने भी मारपीट की है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर बाद जीएमसी के वार्ड पांच में सर्जरी विभाग के पीजी डाक्टरों की टीम मरीज शकीलू रहमान को डिस्चार्ज करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन रहमान उसे ग्लूकोज लगाने पर अड़ा था।
बताया जाता है कि डाक्टरों ने डिस्चार्ज से पहले रहमान की जांच के लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से न्यूरो सर्जन को भी बुलाया था, लेकिन ग्लूकोज चढ़ाने को लेकर रहमान की डाक्टरों से बहस हो गई। यह बहस हाथापाई तक पहुंच गई और मरीज के साथ दो महिला तीमारदार भी भिड़ गईं।
जीएमसी के अधीक्षक डा. रतनपाल के अनुसार दो पीजी डाक्टरों के अलावा एक न्यूरो सर्जन और पुलिस अधिकारी से भी तीमारदारों ने अभद्र व्यवहार और मारपीट की। हालांकि तीमारदारों का आरोप था कि उन्हें इलाज नहीं दिया जा रहा था।
पुलिस ने डाक्टरों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना से क्षुब्ध गुस्साए डाक्टर कामकाज बंद करने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कर दिया।