शनिवार को शहर में जोरदार भूकंप आया। इससे हर तरफ अफरातफरी मच गई। हर कोई बचने के लिए इधर-उधर भागने लगा। बचाव के लिए प्रशासन ने हरकत में आते हुए तुरंत बचाव कार्य चलाया। आपदा प्रबंधन ने संबंधित विभागों से मिलकर लोगों को बचाया। भूकंप में घायल हुए लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। यहां तक कि इसके लिए हेलीकाप्टर सेवा का भी इस्तेमाल किया गया।
चौंकिए मत! दरअसल ऐसी किसी आपदा आने पर किस तरह से बचाव कार्य चलाया जाएगा, इसे लेकर जिला प्रशासन की ओर से शहर के पांच जगहों पर मॉक ड्रिल की गई। तीन दिन से चली आ रही मॉक ड्रिल का शनिवार को समापन हो गया। शहर के गांधी नगर, पुलिस लाइन, एमए कालेज, विशाल मेगा मार्ट और विकास भवन में यह मॉक ड्रिल की गई।
इस मौके पर उपायुक्त जम्मू अजित कुमार साहु मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पूरे प्रबंधन को मैनेज किया। इसमें बताया गया कि यदि भूकंप आएगा तो किस तरह से काम किया जाएगा। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथारिटी और राज्य डिजास्टर मैनेजमेंट की ओर से यह आयोजन किया गया। इसमें सीआरपीएफ, सेना, राज्य पुलिस, सिविल डिफेंस और स्थानीय लोगों को शामिल किया गया।
शहर के गांधी नगर और मेडिकल कालेज अस्पताल को भी इसमें मुख्य रूप से शामिल किया गया। संचार सेवा ठप होने पर भी किस तरह से आपदा प्रबंधन किया जाएगा, इसका बेहतरीन उदाहरण पेश किया गया। हेलीकाप्टर सेवा का भी इस्तेमाल किया गया। बताया गया कि किस तरह से इसका उपयोग किया जाएगा।
उपायुक्त अजित कुमार साहु ने कहा कि भूकंप आने पर काफी बड़ी तबाही होती है। यदि इससे निपटने के व्यापक इंतजाम किए गए हों तो बड़े नुकसान को कम किया जा सकता है। इसी को लेकर यह आयोजन किया गया ताकि प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम हों।