ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख करें : चैंबर
वैट शासन में पंजीकृत व्यापारियों की जमा सिक्योरिटी राशि वापस करें
बिना किसी जुर्माने के रिटर्न दाखिल करने के लिए उपयुक्त समय दें
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू ने जीएसटी ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये तक करने की मांग की है। वैट शासन में पंजीकृत व्यापारियों से ली गई सिक्योरिटी राशि को वापस किया जाए। इसके अलावा 2020-2021 की चौथी तिमाही के लिए प्रतिपूर्ति दावों को भरने की तारीख बढ़ाई जाए क्योंकि जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की तारीख पहले ही बढ़ा दी गई है। चैंबर प्रधान अरुण गुप्ता के नेतृत्व में अन्य पदाधिकारियों ने राज्य कर विभाग की अतिरिक्त आयुक्त नीतू गुप्ता से मुलाकात कर जीएसटी सहित अन्य मुद्दों को उठाया।
गुप्ता ने रोष जताते हुए कहा क कई करदाताओं को विभाग की ओर से दंडित किया जा रहा है, जिन्होंने पहले ही वास्तविक कर राशि समय के भीतर जमा कर दी है, लेकिन विभिन्न कारणों से वे समय पर अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर सके हैं। ऐसे करदाताओं को बिना किसी जुर्माने के अपना रिटर्न दाखिल करने के लिए उपयुक्त समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने दो साल से अधिक समय से लंबित औद्योगिक इकाइयों को जीएसटी की प्रतिपूर्ति जारी करने की मांग की। जीएसटी की शुरुआत में व्यापारिक समुदाय को बताया गया था कि यह बेहतर और सरल है, लेकिन अब विभाग के कुछ प्रमुखों ने इसे जटिल बना दिया है और मामूली तकनीकी मुद्दों को लेकर भी व्यापारियों को भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। जब कोई पार्टी अपना आरसी सरेंडर करना चाहती है तो उन्हें जीएसटीआर-10 दाखिल करने के लिए कहा जाता है, जिसे व्यापारी को 15 दिनों की अवधि के भीतर दाखिल करना होता है और उसके बाद 200 रुपये प्रतिदिन जुर्माना देना होता था, लेकिन कोविड महामारी और अन्य वास्तविक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस अवधि को दो महीने तक बढ़ाया जाए। छोटे ढाबों पर जीएसटी को समाप्त किया जाए।
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36 करोड़ की प्रतिपूर्ति राशि जल्द जारी होगी : अतिरिक्त आयुक्त
राज्यकर विभाग की अतिरिक्त आयुक्त नीतू गुप्ता ने चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से उठाए गए मुद्दों पर जल्द उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों को जीएसटी रिफंड के लिए वित्त विभाग द्वारा जारी बजट के बारे में फोन पर जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले 2-3 दिन में औद्योगिक इकाइयों को 36 करोड़ रुपये तक जीएसटी प्रतिपूर्ति की राशि जारी की जाएगी।