जम्मू। यह शहर भी स्मार्ट बनना चाहिए। निगम के प्रयास जारी हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकास कार्य भी करवाए जा रहे हैं। नाले-नालियों, रास्तों और पार्कों में सुधार किया है। हरे-भरे वर्टिकल गार्डन बनाए गए हैं। इससे पहले साइकिल परियोजना और वाटर कूलर जैसी सहूलियतें दी जा चुकी हैं, जिसका शहरवासी फायदा उठा रहे हैं। अधिकारियों को भी आने वाले समय में शहर बदला सा नजर आने की उम्मीद है। मगर अभी कई काम होने बाकी हैं। शहर की तस्वीर बदलने के लिए इस साल विकास कार्यों पर सर्वाधिक 211 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पिछले साल 124 करोड़, 2021 में 37 करोड़, 2020 में 52 तो 2019 में 15 करोड़ रुपये विकास पर लगाए जा चुके हैं। मगर सिटी को स्मार्ट बनने में अभी कुछ समय और इंतजार करना पड़ेगा।
2005 के बाद 2018 में चुनाव हुए और नगर निगम का गठन हुआ। इस दौरान शहर में रास्ते, नालियां, नालों की हालत खराब थी। बारिश होने पर पानी सड़कों में जमा हो जाता था। नालियां अवरुद्ध होने के कारण वाटर ब्लाॅकेज की समस्या आती थी। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पहले नाले, नालियों, रास्तों समेत अन्य कार्य शुरू हुए। अब अधिकांश वार्डों में काफी हद तक समस्याओं का निदान कर दिया है।
मौजूदा समय में स्मार्ट सिटी परियोजना में सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। साथ ही पानी निकासी के लिए नालियां बनाई जा रही हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना से शहर में विकास करवाया गया है। अभी तक करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। शहर की तस्वीर को बदला गया है। प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
- राजिंदर शर्मा, मेयर
परियोजना के तहत करोड़ों रुपये विकास पर खर्च किए गए हैं। अभी भी कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। आने वाले समय में शहर बदला सा नजर आएगा।
- सुनील ठुस्सू, परियोजना निदेशक, स्मार्ट सिटी परियोजना