एयरपोर्ट पर अभी कुछ निर्माण सहित अन्य कार्य जैसे बैरक, कंट्रोल रूम, वाच टावर और एक्स-रे स्कैनर स्थापित करने का कार्य लंबित हैं जिसे सीआईएसएफ के चार्ज लेने से पहले पूरा कर लिया जाएगा। जवानों की तैनाती के लिए केंद्रीय बल के एविएशन सिक्योरिटी ग्रुप (एएसजी) को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
अत्यंत संवेदनशील श्रीनगर एयरपोर्ट पर बाहरी परिधि की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब सीआरपीएफ की होगी वहीं सीआईएसएफ शहरी व हवाई एक्सेस कंट्रोल की सुरक्षा करेगी। विभिन्न निगरानी उपकरणों जैसे सीसीटीवी, मेटल डिटेक्टर, बुलेट प्रूफ वाहन, बम निरोधक यंत्र आदि की पूर्ति भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण की तरफ से की जाएगी।
बता दें कि अभी तक इन तीनों एयरपोर्ट की सुरक्षा सीआरपीएफ व जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा की जा रही है। एयरपोर्ट की सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकरोधी प्रोटोकॉल को स्थापित करने के लिए पिछले साल केंद्र सरकार ने फैसला किया था कि एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की तैनाती की जाएगी। 1.6 लाख जवानों की संख्या वाली सीआईएसएफ को 1999 में भारतीय विमान के हाइजैक होने के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए पहली बार लगाया गया था। देश के 100 नागरिक एयरपोर्ट में से 61 एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी फलहाल सीआईएसएफ के पास है।