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किश्तवाड़ त्रासदी की बरसी: जान बचाते-बचाते दे दी जान, चिशोती के तीन बलिदान जवानों को CISF ने दी श्रद्धांजलि

Fri, 14 Aug 2026 01:48 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

किश्तवाड़ के चिशोती में 14 अगस्त 2025 को बादल फटने की त्रासदी के दौरान तीर्थयात्रियों को बचाते हुए शहीद हुए तीन सीआईएसएफ जवानों को उनकी पहली बरसी पर श्रद्धांजलि दी गई।
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सीआईएसएफ - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशोती में एक साल पहले बादल फटने की त्रासदी के दौरान तीर्थयात्रियों को बचाते हुए जान गंवाने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल (सीआईएसएफ) के तीन जवानों को शुक्रवार को श्रद्धांजलि दी गई।

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सीआईएसएफ ने हेड कांस्टेबल एमके बिस्वाल, आनंद कुमार और कांस्टेबल संजय कुमार मुर्मू को याद करते हुए कहा कि इन जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना राहत और बचाव अभियान में जुटकर कई लोगों की जान बचाई और अंत में ड्यूटी निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।

सीआईएसएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि गंभीर खतरे के बावजूद जवानों ने खुद से पहले अपने कर्तव्य को चुना। बल ने उनके बलिदान को सेवा पहले, स्वयं बाद में की भावना का प्रतीक बताया।

14 अगस्त 2025 को किश्तवाड़ जिले के चिशोती गांव में बादल फटा था। यह गांव प्रसिद्ध मचैल माता मंदिर की यात्रा का प्रवेश द्वार है। इस आपदा में 65 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश तीर्थयात्री थे, जबकि 30 से अधिक लोग लापता हो गए थे।

सीआईएसएफ ने कहा कि तीनों जवानों का साहस, निस्वार्थ सेवा और दूसरों की रक्षा के प्रति समर्पण बल के हर सदस्य और पूरे देश के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा। एक साल बीत जाने के बावजूद इन वीर जवानों का साहस और बलिदान देश के दिल में हमेशा जीवित रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
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