पीडब्ल्यूडी मंत्री नईम अख्तर ने खुल कर कश्मीर में फिर से सिनेमा हॉल खुलने की वकालत की। उन्होंने कहा कि घाटी की 30 साल की युवा पीढ़ी ने कभी सिनेमा हॉल नहीं देखा है। जब घर में टीवी और पॉकेट में स्मार्ट फोन से परहेज नहीं है तो पता नहीं क्यों युवा पीढ़ी को रियल इंटरटेंमेंट से दूर रखा जा रहा है। कश्मीर वर्ल्ड फिल्म फेस्टिवल में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पीडब्ल्यूडी मंत्री नईम अख्तर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान में सिनेमा हॉल हैं।
अब तो सउदी अरब भी रियाद में सिनेमा हॉल खोलने की बात कर रहा है, लेकिन पता नहीं यहां क्यों लोग इसके खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि आजकल हर घर में टीवी है। वह भी एक सिनेमा है। जेब में जो मोबाइल फोन है, वह भी एक सिनेमा ही है। लेकिन मुझे समझ नहीं आता आखिर सिनेमा हॉल में जाने से क्यों रोकते हैं लोग।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से घाटी में सिनेमा हॉल खोलने के लिए पहल तो जरूर होगी, लेकिन इसमें समाज के सहयोग की भी काफी जरूरत है। नईम अख्तर ने कहा कि आखिर कब तक हम अपने बच्चों को रियल एंटरटेनमेंट से दूर रखेंगे। जब शादियों में नाच-गाना होता है, बाकी एंटरटेनमेंट होती है तो यह भी एक सामान्य चीज है। इन्हें खोलने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।