भारत और चीन सेनाओं में वार्ता के बावजूद डेमचोक और डेपसांग पर गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। इस बीच डेमचोक गांव से चीन के चरवाहे 22 याक चुरा ले गए हैं। इसकी शिकायत एसडीएम से लेकर जिला प्रशासन से की गई है।
पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी तनाव की आड़ में चीन के चरवाहे अब लद्दाखियों के मवेशियों को चुरा रहे हैं। भारत और चीन सेनाओं में वार्ता के बावजूद डेमचोक और डेपसांग पर गतिरोध खत्म नहीं हुआ है।
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इस बीच डेमचोक गांव से चीन के चरवाहे 22 याक चुरा ले गए हैं। इसकी शिकायत एसडीएम से लेकर जिला प्रशासन से की गई है। एलएसी से सटे चुशुल के पार्षद कोंचोक स्टैंजिन ने भी इस मुद्दे को उठाया है।
राजस्व विभाग में नंबरदार रह चुके डेमचोक के पूर्व सरपंच रिगजिन तांगे ने बताया कि उनके 22 याक एलएसी पार से आए चरवाहे ले गए हैं। इससे पहले भी कुछ घटनाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार जुमुलोंग क्षेत्र के लुंगर नाले से दो चरवाहे उनके 22 याक ले गए हैं।
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उन्होंने एसडीएम के बाद जिला प्रशासन को शिकायत पत्र सौंपकर याक वापस दिलाने या मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, चुशुल के पार्षद कोंचोक स्टैंजिन ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में तनाव कम करने के लिए जो भी बातचीत होती है।
उसमें अग्रिम इलाकों में बसी जनजातीय आबादी के हितों को ध्यान में रखना भी जरूरी है। चरागाहों तक आसान पहुंच और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।